हरियाणा के रेवाड़ी में गैंगस्टर महेश सैनी को सीआईए की पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। महेश सैनी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उस पर 35 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। कोर्ट भी उसे भगौड़ा घोषित कर चुकी थी। अदालत गैंगस्टर की प्रॉपर्टी भी अटैच की जा चुकी है।
महेश सैनी शहर की सती कॉलोनी का निवासी है। धारूहेड़ा की सीआईए टीम ने गैंगस्टर को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस महेश सैनी से पूछताछ कर रही है। एसपी दीपक सहारण ने अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को महेश सैनी को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया था।
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने 3 जनवरी को हरियाणा और राजस्थान में कई गैंगस्टर के ठिकानों पर रेड की थी। इनमें राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में शामिल आरोपियों के महेंद्रगढ़ और हिसार स्थित ठिकानों पर कार्रवाई की गई। वहीं, एनआईए की एक टीम सती कॉलोनी में गैंगस्टर महेश सैनी के घर भी पहुंची थी। करीब 7 घंटे महेश सैनी के घर में छानबीन करने के बाद टीम ने कुछ जरूरी दस्तावेज भी कब्जे में लिए थे।
जज सुशील गर्ग को दी थी धमकी
महेश सैनी के खिलाफ विभिन्न थानों में 35 से अधिक केस दर्ज हैं, जिनमें हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं। उसके खिलाफ एएसजे कोर्ट में विचाराधीन एक मामले में तत्कालीन एएसजे डाॅ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने तीन बार अरेस्ट वारंट जारी किए थे। वारंट की तामील होने की बजाय उसकी पत्नी ने बताया था कि महेश का कहना है कि जब तक जस्टिस गर्ग रेवाड़ी में हैं, तब तक वह नहीं आएगा। कोर्ट की ओर से उस समय महेश सैनी को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश दिया था लेकिन पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही थी।
10 दिसंबर को आर्म्स एक्ट का मामला हुआ था दर्ज
गत वर्ष के अंत में कोर्ट ने उसकी संपत्ति अटैच कराने के आदेश जारी किए थे। तहसीलदार ने उसकी दो गाड़ियां और प्लॉट अटैच किए थे। कोर्ट ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने के बाद पीओ भी घोषित कर दिया था। आर्म्स एक्ट के तहत अंतिम केस महेश सैनी के खिलाफ अंतिम मामला गत वर्ष 10 दिसंबर को आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। वह पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था।