हरियाणा के रेवाड़ी में साउथ रेंज साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा है, जो निजी बैंकों में दूसरों के खाते खुलवा कर उनके कागजात व अन्य जानकारी साइबर ठगों को बेच देते थे। आरोपियों का संपर्क राजस्थान के जिला भरतपुर में सक्रिय साइबर ठगों से था।
डीएसपी ने बताया कि राजेश पायलट चौक के निकट स्थित एक पीजी में रहने वालीं 16 लड़कियां बावल व धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित विभिन्न कंपनियों में कार्यरत हैं। उन्हें नए बैंक खाते खुलवाने थे। पीजी संचालक हितेश ने अपने दोस्त रोहित उर्फ मोनू के जरिये सभी के खाते भिवानी के गांव चांग स्थित एचडीएफसी बैंक में खुलवाए थे। खाते खुलने के बाद हितेश ने बैंक से मिली किट (जिसमें एटीएम कार्ड व अन्य कागजात थे) लड़कियों को नहीं दी और मोनू के जरिये इनाम उर्फ इक्का को बेच दी। इसके लिए मोनू को प्रति किट दो हजार रुपये मिले थे।
इनाम ने यह सभी किट राजस्थान के भरतपुर में सक्रिय साइबर ठगों को बेच दी। साइबर ठगों से इनाम को प्रति किट सात हजार रुपये मिले। पुलिस ने हितेश से 4500 रुपये, मोनू से 15 हजार रुपये व इनाम से एक मोबाइल बरामद किया है। पुलिस ने इनाम के खाते में जमा 45 हजार रुपये की राशि भी फ्रीज कराई है। पूछताछ में आरोपियों से 15 और खातों की जानकारी व कागजात बेचने की जानकारी सामने आई है। यह सभी खाते गुरुग्राम में खुलवाए गए थे। हितेश व मोनू का संपर्क इनाम से उनके एक दोस्त के जरिये हुआ था।
डीएसपी अमित भाटिया ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी इनाम उर्फ इक्का से प्राथमिक पूछताछ में राजस्थान के जिला भरतपुर के कामां व अन्य राज्यों में सक्रिय साइबर ठग से संपर्क होने की जानकारी सामने आई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।