दोषी पर जुर्माना भी लगाया गया है। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अर्चना यादव की अदालत ने सजा सुनाई है। आरोपी फूफा ने नाबालिग को अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
हरियाणा के रेवाड़ी में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अर्चना यादव की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपी फूफा को दोषी करार दिया है। साथ ही 20 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 21 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
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पुलिस के अनुसार 30 जून 2019 को शहर के एक मोहल्ला की रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग अपने घर पर अकेली थी। उसके माता-पिता मजदूरी करने गए थे। इस दौरान वह पड़ोस में रिश्ते में फूफा लगने वाले व्यक्ति के घर रोटी बनाने के लिए गई थी। आरोपी फूफा ने नाबालिग को अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। देर शाम तक जब नाबालिग नहीं लौटी तो उसका पिता बुलाने के लिए आरोपी के घर पहुंचे। वहां नाबालिग उन्हें रोती हुई मिली थी।
पिता ने नाबालिग से कारण भी पूछा, लेकिन उसने आरोपी के डर से कुछ नहीं बताया था। नौ जुलाई 2019 को नाबालिग ने अपनी मां को फूफा द्वारा दुष्कर्म करने व जान से मारने की धमकी देने के बारे में बताया। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। महिला थाना पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल कराने के बाद पिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट व जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।
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सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ अदालत के समक्ष ठोस साक्ष्य रखे गए और गवाहों के बयान भी दर्ज कराए गए थे। साक्ष्यों व गवाहों के बयान के बाद फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अर्चना यादव की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल की कैद व 21 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को छह महीने की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।