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रेवाड़ी: चिटफंड कंपनी ने प्लॉट और रुपये दोगुना कराने का झांसा देकर ठगे करोड़ों, आठ पर मामला दर्ज

Wed, 04 May 2022 01:03 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)

सार

रुपये इन्वेस्ट करने वालों की सूची में 65 लोग शामिल हैं। रुपये इन्वेस्ट करने वाले लोगों को प्लॉट और रुपये दोगुना करके लौटाने का झांसा दिया गया। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के रेवाड़ी जिले में एक चिटफंड कंपनी ने कई लोगों के करोड़ों रुपये हड़प लिये। रुपये इन्वेस्ट करने वाले लोगों को प्लॉट और रुपये दोगुना करके लौटाने का झांसा दिया गया। समय पूरा होने के बाद उनके हाथ कुछ नहीं लगा। ऊपर से जो बॉन्ड और कागजात दिए थे, वे भी कंपनी ने वापस नहीं किए। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

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शहर में बावल रोड पर वर्ष 2011 में रेवाड़ी ऑफ कर्मभूमि रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक कार्यालय खुला था। इसमें रेवाड़ी के गांव खोरी निवासी सुरेंद्र कुमार बतौर ब्रांच मैनेजर और गुमीना निवासी निर्मल कुमार, अलीगढ़ के सुरेंद्र नगर निवासी देवेंद्रपाल, मथुरा निवासी मनोज कुमार, अलवर निवासी विजय कुमार, मामडपुर निवासी पूर्व प्रकाश, मथुरा निवासी राजेश्वरी सैंगर, गुमीना निवासी रजनी सिंह विभिन्न पदों पर कार्यरत थे।

ऑफिस खोलने के साथ ही खूब प्रचार-प्रसार किया गया कि उनकी कंपनी मल्टीपल इन्सटॉलमेंट स्कीम के जरिये पैसा इन्वेस्ट करने पर न केवल महंगी कीमत के प्लॉट मुहैया कराएगी बल्कि लोगों के पैसे कुछ साल में दोगुने करके लौटाए जाएंगे। इसी लालच में रेवाड़ी व आसपास के गांवों के लोग कंपनी के झांसे में आ गए। पीड़ित बिमला यादव, शकुंतला यादव, बिरेंद्र सिंह, इंद्रमल अग्रवाल, सुनीता यादव, ललिता, हेमलता, मुन्नी, मुकेश देवी व नरेश सोनी सहित दर्जनों लोगों ने कंपनी में खुद और अपने रिश्तेदारों के करोड़ों रुपये इन्वेस्ट कर दिए।
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पैसे इन्वेस्ट करने वाले 65 लोग
पैसे इन्वेस्ट करने वालों की सूची में अभी 65 लोगों के नाम सामने आए हैं। इन लोगों को कंपनी की तरफ से पैसे जमा कराने पर बॉन्ड भी भरकर दिए गए लेकिन 2 साल का समय पूरा होने के बाद न तो उन्हें प्लॉट मिला और न ही पैसा वापस मिला। करोड़ों रुपये लौटाने का दबाव बनने पर कंपनी ने ऑफिस बंद कर दिया। उसके बाद कंपनी पदाधिकारियों से लोगों ने अपने पैसे वापस मांगे तो उनसे भरे हुए बॉन्ड वापस मंगवा लिए गए और फिर बॉन्ड और कागजात अपने कब्जे में लेने के बाद आरोपी फरार हो गए।

मथुरा से चलता था मेन ऑफिस
काफी दिनों तक धक्के खाने के बाद भी जब इन्वेस्ट करने वाले लोगों के पैसे नहीं मिले तो शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि 65 से ज्यादा लोगों के करोड़ों रुपये कंपनी ने हड़पे हैं। पुलिस कंपनी के मेन ऑफिस मथुरा तक पहुंच गई। मथुरा पहुंचने के बाद पता चला कि वर्ष 2016 में यहां से कंपनी के अधिकारी ऑफिस बंद कर भाग चुके हैं। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
 

यह काफी पुराना मामला था। मैंने दो दिन पहले ही मामला दर्ज करवाया है। गरीब लोगों के एक-एक पैसेे वापस दिलवाए जाएंगे। -रतन लाल, थाना प्रभारी मॉडल टाउन।

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