बावल। इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) में बिजली की आपूर्ति में सुधार के लिए 132 केवीए (किलोवाट एंपियर) बिजली सब-स्टेशन परियोजना ने आखिरकार गति पकड़ ली है। भविष्य को देखते हुए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने सब-स्टेशन के निर्माण से पहले की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया लोड रिपोर्ट तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया है।
यह कार्य इसलिए किया गया है, क्योंकि भविष्य में आईएमटी और ज्यादा विकसित होगी तो बिजली की डिमांड भी काफी हद तक बढ़ जाएगी। इसलिए अगले करीब 10 से 12 साल की लोड क्षमता को देखते हुए उसी रिपोर्ट के आधार पर एचएसआईआईडीसी हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम की तरफ से सब-स्टेशन को बनवाएगा।
जमीन हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम को दिसंबर के अंत तक हैंडओवर किए जाने की संभावना है। आईएमटी की भविष्य की लोड आवश्यकता को देखते हुए रिपोर्ट तैयार होगी, उसी के आधार पर फिर 132 केवी के सब-स्टेशन को बनाया जाएगा।
अगर लोड अधिक बढ़ने की संभावना रहेगी तो फिर इस सब-स्टेशन की क्षमता भी बढ़ाई जा सकती है। अगर रिपोर्ट में इतनी क्षमता ही रहेगी तो फिर इसी परियोजना को तुरंत जमीन हैंडओवर कर चालू कर दिया जाएगा।
42 करोड़ से ढाई एकड़ में होगा निर्माण
बावल औद्योगिक क्षेत्र में 132 केवी का करीब ढाई साल से चल रही है, मगर अभी नया सब-स्टेशन बनाने की प्रक्रिया पिछले तक टेंडर नहीं हो पाए हैं। हालांकि, लंबे समय बाद अब जाके फिर से प्रोजेक्ट की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके तहत लोड रिपोर्ट बनाना शुरू किया गया है। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) को इस परियोजना के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक और आधारभूत संरचन विकास निगम से 2.5 एकड़ जमीन हैंडओवर होनी है। 42 करोड़ रुपयों का बजट आवंटित किया जा चुका है, जिससे यह बिजली सब-स्टेशन बनाया जाएगा। बिजली अधिकारियों के मुताबिक, एचएसआईआईडीसी द्वारा जमीन हेंडओवर करते ही तुरंत निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिसके बाद कुछ ही दिन में सब-स्टेशन बनाकर तैयार कर दिया जाएगा। हालांकि, अगर सालों पहले ही एचवीपीएनएल को जमीन मिल जाती तो तैयार हो जाता।
गांवों के लोगों को भी इस सब-स्टेशन से फायदा होगा
अभी तक बिजली सब-स्टेशन बना कर भी आईएमटी में लगातार उद्योगों का विकास हो रहा है और तेजी से कंपनियां बढ़ रही हैं। खपत का स्तर बढ़ने से गर्मी में बिजली की समस्या का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी तो बिजली की कमी के कारण उद्योगों को जनरेटर तक चलाना पड़ जाता है, इसलिए भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए इस परियोजना को रूप दिया गया है। 132 केवी का यह नया सब-स्टेशन सीधे मऊ से जुड़ेगा, जिससे उद्योगों को पर्याप्त और उच्च गुणवत्ता की बिजली मिलेगी। आईएमटी के आस-पास की रिहायशी कॉलोनियों और गांवों के लोगों को भी इस सब-स्टेशन से फायदा होगा।
जमीन लेने की प्रक्रिया चल रही है। जमीन मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देंगे। कुछ ही महीनों में काम भी शुरू हो जाएगा।
- संजय यादव, एक्सईएन एचवीपीएनएल रेवाड़ी।