पिछले वर्ष दीपावली से पहले लिए गए 45 नमूने में से 10 खाद्य सामानों की गुणवत्ता में कमी पाई गई थी। जिला खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन की टीम ने पनीर, दही, छेना, काजू, खोया, घी, दूध व सॉस आदि के नमूने लिए थे। जो नमूने ज्यादा फेल मिले हैं, उनमें पनीर, दूध और दही आदि थे। इस वर्ष खाद्य पदाथोZं के 70 नमूने लिए जा चुके हैं। इनमें से 10 नमूने फेल मिले हैं। 10 मामले कोर्ट में चल रहे हैं। फैसला नहीं आया है।
अनसेफ : जो खाने योग्य न हो। जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो। इससे जान भी जा सकती है। इसमें 1 लाख रुपये तक जुर्माना और 6 महीने की सजा का प्रावधान है।
सब स्टैंडर्ड: जो मानकों पर खरे नहीं उतरते। इसमें 5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
मिसब्रांड : प्रोडक्ट पर दी गई जानकारी पूरी न हो। इसमें 3 लाख रुपये तक जुर्माना का प्रावधान है।
मिसलिडिंग : प्रोडक्ट के लेबल के अनुसार खाद्य पदार्थ न हो। इसमें 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने की अनिवार्यता अब समाप्त कर दी गई है। यह फैसला मुख्यालय स्तर पर लिया गया है। रेवाड़ी में इस साल करीब 70 नमूने लिए गए हैं। इसमें 10 नमूने फेल हो गए हैं। मामले कोर्ट में चल रहे हैं। -राजेश वर्मा, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेवाड़ी।