लोकनिर्माण विभाग की ओर से शुक्रवार को चलाया गया कब्जा छुड़ाओ अभियान गरीबों तक ही सिमट कर रह गया। कोसली बाजार में लोकनिर्माण विभाग के जेई युधबीर एक दर्जन कर्मचारियों और पुलिस बल को लेकर पहुंचे और पटरी पर रेहड़ी लगाकर सामान बेचने वालों को हटा दिया, लेकिन लोकनिर्माण विभाग कि जमीन पर कोसली रोड पर रेलवे बाउंड्री के साथ खोखे रखकर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। उन्हें विभाग ने छुआ तक नहीं, जिसको लेकर विभाग पर ही लोग उंगली उठाने लगे हैं।
लोगों ने कहा कि कोसली रोड पर अवैध खोखे व टैक्सी स्टैंड चल रहा है, जिसकी वजह से दिनभर जाम लगा रहता है। बार-बार प्रशासन को अवगत करवाने के बाद भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। टैक्सी स्टैंड के नाम पर रोड तक कब्जा करने के साथ ही सड़क के एक हिस्से पर सुबह ही गाड़ियां खड़ी कर दी जाती हैं।
नहीं है एक भी कॉमर्शियल गाड़ी
अवैध टैक्सी स्टैंड से चलने वाली 95 प्रतिशत गाड़ियां ऐसी हैं जो सरकार के नियमानुसार नहीं चलाई जा सकती हैं। कोसली शहर के लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन कब्जों को छुड़ाने में भेदभाव कर रहा है। गरीब लोगों की उन्होंने रेहड़ी तो हटा दी, लेकिन कोसली रोड पर जाम का पर्याय बने खोखों को नहीं हटाया जा रहा है। इसमें भी कुछ न कुछ भेद है। लोगों कि मांग है कि इन खोखो को भी हटवाया जाए, ताकि जाम कि समस्या से निजात मिल सके।
दुकानों को हटवाकर रखवा दिए खोखे
लोगों ने बताया कि कुछ साल पूर्व भाकरी पंचायत ने कोसली रोड पर कुछ दुकानें पक्की बनाकर लोगों को किराये पर दी गई थीं, जिससे पंचायत कि आमदनी बढ़ी थी, लेकिन विभाग ने उन दुकानों को यह कह कर तुड़वा दिया था कि यह जगह लोकनिर्माण विभाग कि है ओर आज उसी जगह पर सैकड़ों खोखे रखवा कर आम लोगों के लिए विभाग ने परेशानी खड़ी कर रखी है।
यह कहना है लोकनिर्माण विभाग का
लोक निर्माण विभाग के जेई युधबीर ने कहा कि उन्होंने केवल उन लोगों को रोड से हटाया है जो रेहड़ी, थड़ी लगाकर यातायात में बाधा उत्पन्न कर रहे थे ।