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Rewari News: कारोबारी बोले-रेवाड़ी शहर या आसपास किया जाए औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार

Tue, 12 Aug 2025 12:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। जिले में बावल और धारूहेड़ा को छोड़कर कहीं भी औद्योगिक क्षेत्र नहीं है। कारोबारी चाहते हैं कि रेवाड़ी शहर या इसके आसपास औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जाए। शहर के अंदर अभी जितने पुराने कारोबार हैं, उनमें लघु और कुटीर उद्योग शामिल हैं। इन उद्योगों को स्थापित करने के लिए बहुत अधिक जमीन की जरूरत नहीं है।
कारोबारियों का कहना है कि सरकार की ओर से जब भी उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रयास किए गए तब जो शर्तें लगाई जाती हैं और जमीन का मूल्य निर्धारण किया जाता है वह छोटे कारोबारी के लिए मुश्किल भरा रहता है।
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छोटे कारोबारी 100 से लेकर 300 गज या इससे ज्यादा 500 गज तक ही जमीन खरीद सकते हैं, क्योंकि उनको जरूरत भी इतनी ही जमीन की होती है। कारोबारी बताते हैं कि उद्योगों को बढ़ावा देने की जरूरत है।
कारोबारियों ने कहा कि हर बार समस्या यही रहती है कि जगह काफी महंगी होती है और हर कारोबारी के बस में नहीं होता है कि वह जगह खरीदने लें। ऐसे में जो पैसा लगाने वाले कारोबारी होते हैं, वह तो आगे बढ़ जाते हैं और छोटे कारोबारी पीछे रह जाते हैं। रेवाड़ी में जितने भी कारोबारी हैं, वह सभी 500 गज से कम की जमीन चाहते हैं।

कुटीर उद्योग को बचाने की जरूरत : संजय डाटा

लघु भारती उद्योग के अध्यक्ष संजय डाटा ने कहा कि अभी सरकार ने नया औद्योगिक क्षेत्र बसाने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसमें सबसे बड़ी समस्या यह है कि जमीन ऑक्शन से खरीदी जाएगी। इसमें जमीन वही खरीद पाएगा जिसके पास ज्यादा पैसा होगा। ऐसे में फिर रेवाड़ी के कारोबारी पीछे रह सकते हैं। अगर देखा जाए तो अब कारोबार के क्षेत्र में कारोबारी कम और इन्वेस्टर ज्यादा हैंं। इन्वेस्टर अधिक से अधिक पैसा देकर जमीन खरीद लेते हैं। उन्होंने बताया कि अगर ऑक्शन करवानी भी है तो वह 500 गज से अधिक के जमीन की कराई जाए। 100 से लेकर 400 गज तक की जमीन की ऑक्शन ना हो। इससे रेवाड़ी शहर के व्यापारियों को काफी फायदा होगा। इस वक्त कुटीर उद्योग को बचाने की जरूरत है।

छोटे व्यापारियों पर ध्यान देने की जरूरत

कारोबारी रोहित सचदेवा और राजेश अग्रवाल ने बताया कि बावल और धारूहेड़ा को छोड़कर कहीं पर भी औद्योगिक क्षेत्र नहीं है। रेवाड़ी शहर में कोशिश की गई थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। अभी ज्यादा जरूरत अपने जिले के उद्योग को बढ़ाने की है। जब भी औद्योगिक क्षेत्र खोलने की बात होती है तो वहां पर बड़ी कंपनी आ जाती हैं और छोटे व्यापारी देखते रह जाते हैं। उनके पास अधिक पैसा होता है। बड़ी इंडस्ट्री के लिए कई मानक होते हैं जो वह पूरा कर जाते हैं लेकन छोटे व्यापारी सभी मानक पूरे नहीं कर सकते हैं। ऐसे में काफी समस्या होती है।
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कलक्टर प्लग और प्ले योजना का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं
जिले में औद्योगिक इकाइयों को विस्तार देने के लिए मई 2020 में लाई गई कलक्टर प्लग और प्ले योजना का प्रदर्शन संतोषजनक दिखाई नहीं दे रहा है। जिले में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) की 200 से अधिक इकाइयां हैं। करीब 250 सूक्ष्म उद्योग हैं। कई कारोबारी तो जिले से बाहर अपना उद्योग लगा चुके हैं और कुछ कारोबारी उद्योग को स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं। क्लस्टर प्लग एवं प्ले योजना के तहत धारूहेड़ा व बावल के अलावा जिले के नाहड़, जाटूसाना, खोल व डहीना खंड को इसमें शामिल किया था ताकि इसके तहत लघु उद्योगों को रियायत देकर बढ़ावा दिया जा सके।
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