कोरोना काल के बाद हेरिटेज लोकोशेड में फिर से रौनक लौट आई है। लॉकडाउन के कारण लोकोशेड करीब डेढ़ साल से बंद था, लेकिन कोरोना काल का प्रभाव कम होने के बाद लोगों के लिए यह फिर से खुल गया है। लोकोशेड में सैकड़ों पुराने भाप के इंजन हैं। इसके साथ ही यहां पर कई फिल्मों की शूटिंग भी हो चुुकी है। इसके अलावा लोकोशेड में बच्चों की पहली पसंद टॉय ट्रेन है, जोकि आकर्षण का केंद्र है। विदेशों से टूरिस्ट आकर लोकोशेड की खूबसूरती देखते हैं। लोकोशेड में आम दिनों के अलावा रविवार को ज्यादा भीड़ रहती है।
लोकोशेड यह है टिकट की कीमत
लोकोशेड में घूमने के लिए रेलवे की ओर से बच्चों के लिए 5 रुपये व वयस्क के लिए 10 रुपये शुल्क रखा गया है। इसके अलावा टॉय ट्रेन में सफर करने के लिए बच्चों को 25 रुपये और वयस्क को 50 रुपये देने होते हैं। आम दिनों में करीब 100 से ज्यादा लोग हर दिन लोकोशेड देखने के लिए आते हैं। इसके अलावा रविवार को 500 से ज्यादा लोगों की भीड़ देखने के लिए आती है।
लोकशेड में हैं सैकड़ों साल पुराने स्टीम के इंजन
लोकोशेड में अकबर, आजाद, फेयरी क्वीन आदि सैकड़ों पुुराने भाप के इंजन हैं। 14 अगस्त 2002 को तत्कालीन रेलमंत्री नीतीश कुमार के आदेशों पर इस लोकोशेड को हेरिटेज स्टीम लोकोशेड के तौर पर दोबारा से खोला गया और यहां पर भाप के इंजनों को पहुंचाया गया। शुरूआत में यहां पांच ब्राड गेज तथा पांच ही मीटर गेज के भाप के इंजन रखे गए थे। वर्ष 2010 में लोकोशेड का नए सिरे से दिल्ली डिविजन की तरफ से जीर्णोद्धार शुरू किया गया। करोड़ों रुपये खर्च करके लोकोशेड को भव्य पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित कर दिया गया है।
फिल्मों की शूटिंग में स्टीम इंजनों का किया इस्तेमाल
हेरिटेज लोकोशेड के स्टीम इंजनों को फिल्मों की शूटिंग में भी इस्तेमाल किया गया है। इनमें गदर एक प्रेम कथा, टेली फिल्म वृत्त चित्र, गांधी माई फादर, रंग दे बसंती, पार्टीशन, गुरु, लव आज कल, वीर, मलयालम फिल्म प्रणायम, गैंग्स ऑफ वासेपुर, भाग मिल्खा भाग, मलायम फिल्म स्टारिंग पोरनवी, टीवी धारावाहिक एक था चंद्र, एक थी सुधा, जॉनीसार, की एंड का, सुल्तान, करीब करीब सिंगल, तमिल फिल्म विजय-61, राइफल मैन जसवंत सिंह रावत व भारत फिल्म की शूटिंग में स्टीम इंजनों का इस्तेमाल किया गया है।
कोरोना काल के कारण रेलवे की गाइडलाइन के अनुसार लोकोशेड को दोबारा खोल दिया गया है। लोग फिर से हेरिटेज को देखने आने लगे हैं। फिलहाल कोरोना काल से पहले जैसी भीड़ नहीं है, लेकिन लोगों का रुझान दोबारा से बढ़ रहा है। पुराने स्टीम इंजन व टॉय ट्रेन आकर्षण के केंद्र हैं।
रामहंस सिन्हा, लोको फोरमैन
हेरिटेज लोकोशेड में खड़ा स्टीम इंजन अकबर। संवाद- फोटो : Rewari