जिले के गांव मुंडिया खेड़ा में मंगलवार की सुबह एक व्यक्ति जोहड़ में डूब गया। ग्रामीणों व पुलिस ने युवक को निकालने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली। रोहतक से आई गोताखोरों की टीम ने देर शाम शव को पानी से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया। करीब सात घंटे चले रेस्क्यू के दौरान पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर ही मौजूद रहे।
मंगलवार को गांव मुंडिया खेड़ा निवासी 42 वर्षीय महीपाल उर्फ पर्वत अपने साथियों के साथ गांव के जोहड़ में नहाने के लिए गए थे। महीपाल जोहड़ में उतर गए और गहरे पानी में जाने के कारण डूब गए। महीपाल को डूबता देख कर मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने शोर मचाया और ग्रामीणों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने महीपाल की तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं लग पाया। सूचना के बाद सदर थाना पुलिस व दमकल की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस व दमकल कर्मियों द्वारा चलाए गए रेस्क्यू के बाद भी महीपाल का कुछ पता नहीं लग पाया।
रेवाड़ी के गोताखोरों ने किया इनकार, रोहतक से बुलाया
जोहड़ में डूबने की सूचना के बाद जिला राजस्व अधिकारी राजेश कुमार, सदर थाना एसएचओ मनोज कुमार व अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन के अधिकारियों ने महीपाल की तलाश के लिए जिले के गोताखोरों से संपर्क किया, लेकिन सभी ने रेस्क्यू में शामिल होने से इनकार कर दिया। गोताखोरों ने आरोप लगाया कि वह जान जोखिम में डाल कर काम करते है, इसके बावजूद प्रशासन की ओर से उन्हें कोई सहयोग नहीं दिया जाता। प्रशासन की ओर से रोहतक के गोताखोरों से संपर्क किया। दोपहर बाद रोहतक से गोताखोरों की टीम उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। गोताखोरों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद महीपाल को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया।
करीब सात घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद शव को बाहर निकाला जा सका है। शव को नागरिक अस्पताल के मोर्चरी में रखवाया गया है। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
-मनोज कुमार, एसएचओ, सदर थाना।