कोसली। बीते दिनों हुई बारिश के बाद से कई स्थानों पर जलभराव से फसलों को नुकसान हुआ है। मुख्यत: कपास की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। जिससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं गांव बव्वा के खेतों में बारिश का पानी जमा होने से 150 किसानों की करीब 300 एकड़ में खड़ी बाजरा और कपास की फसल बर्बाद हो गई है।
कर्ज लेकर बुआई करने वाले किसान अब इस चिंता में डूबे हैं कि परिवार का गुजारा कैसे करेंगे और कर्ज कैसे चुकाएंगे।
किसानों ने बताया कि खेतों में पानी भरने से फसल की जड़ें सड़ गई हैं और पौधे सूख गए हैं। हमने उधार लेकर खेतों की तैयारी की, बीज, खाद और कीटनाशक खरीदे। अब जब फसल तैयार होने लगी थी, तभी पानी ने सब कुछ तबाह कर दिया।
किसानों को इस बात की भी चिंता सता रही है कि अगर इसी तरह बारिश होती रही तो आगामी सीजन की फसल की बिजाई भी नहीं हो पाएगी। किसानों का कहना है कि अगर दो फसलें लगातार खराब हो गईं, तो कर्ज चुकाना तो दूर, उस पर ब्याज जुड़कर रकम दोगुनी हो जाएगी। ऐसे में उन्हें अपने परिवार का पालन-पोषण भी मुश्किल लग रहा है।
किसानों ने बताया कि उन्होंने सरकार की योजना के तहत फसल बीमा करवा रखा था। लेकिन जब नुकसान हुआ और उन्होंने शिकायत दर्ज करवाई, तब भी बीमा कंपनी के किसी भी प्रतिनिधि ने अभी तक खेतों का सर्वे नहीं किया है। इससे किसानों में भारी नाराजगी है।
बताया कि सोचकर बीमा करवाया था कि अगर कुदरती आपदा से फसल खराब हो गई तो कुछ राहत मिल जाएगी, लेकिन अब बीमा कंपनी ही जिम्मेदारी से पीछे हट रही है। वहीं, जल निकासी का कोई साधन नहीं है।
मुआवजा की प्रति एकड़ 50 हजार की मांग
किसानों ने सरकार से मांग की है कि इस बार फसल की पूरी तरह बर्बादी को देखते हुए उन्हें प्रति एकड़ 50 हजार मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि इतनी राशि से ही वे नुकसान की भरपाई कर पाएंगे और आगामी फसल की तैयारी कर सकेंगे।
हम सरकार से कोई मेहरबानी नहीं, बस हक मांग रहे हैं। अगर समय पर मदद नहीं मिली तो हमारे हाल और भी बदतर हो जाएंगे। गांव के किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द बीमा कंपनी को सर्वे के लिए निर्देश दिए जाएं और मुआवजा प्रक्रिया शुरू की जाए।
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7 एकड़ में खेती की थी। 3 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। चार एकड़ में बाजरा और तीन में एकड़ में कपास की खेती की थी। सब बर्बाद हो गया है कोई सुनने वाला नहीं है।
सज्जन सिंह, किसान
3 एकड़ में खेती की थी। एक एकड़ में कपास और दो एकड़ में बाजरा की खेती थी। डेढ़ लाख का नुकसान हुआ है। मुआवजा मिलेगा या नहीं कुछ भी नहीं कहा जा सकता है, काफी परेशान हैं।
विक्रम सिंह, किसान
2 एकड़ में खेती की थी। इसमें एक एकड़ में बाजरा और एक एकड़ में कपास की खेती की थी। पूरी फसल बर्बाद हो गई है। एक लाख रुपए का नुकसान हुआ है। हमारी सुनने वाला कोई भी नहीं है।
मनीष कुमार, किसान
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5 एकड़ में खेती की थी। इसमें दो एकड़ में बाजरा और एक एकड़ में ग्वार और दो एकड़ में कपास था। ढाई लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। हमारी मांग है कि मुआवजा दिया जाए।
सुरेश कुमार, किसान
फसलों में बारिश के पानी से खराबे की सर्वे करवाई जाएगी। कितनी फसल खराब हुई है ओर कितने किसानों ने पहली बीमा करवाया हुआ था। रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
अनील यादव, बीडीपीओ
सुरेश कुमार, किसान- फोटो : पटाखों के धमाके के बादगली मोहल्ला में छाया धुआं।संवाद
सुरेश कुमार, किसान- फोटो : पटाखों के धमाके के बादगली मोहल्ला में छाया धुआं।संवाद
सुरेश कुमार, किसान- फोटो : पटाखों के धमाके के बादगली मोहल्ला में छाया धुआं।संवाद
सुरेश कुमार, किसान- फोटो : पटाखों के धमाके के बादगली मोहल्ला में छाया धुआं।संवाद
सुरेश कुमार, किसान- फोटो : पटाखों के धमाके के बादगली मोहल्ला में छाया धुआं।संवाद