रेवाड़ी। जिले में सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत कोई नई बात नहीं है, लेकिन अब जाकर प्रशासन इस पर गंभीर होता दिख रहा है। फरवरी से जुलाई के बीच शिक्षा विभाग ने एक-एक करके 26 स्कूलों को असुरक्षित और कंडम घोषित किया है। इन इमारतों की छतों से लेकर दीवारें तक जर्जर हो गई थी, जिनका गिरने का खतरा रहता था।
बच्चों और शिक्षकों ने कई बार इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इन भवनों में बैठकर पढ़ने वाले बच्चे हर दिन एक बड़े हादसे के साये में रहते थे
अब जब इन भवनों तथा कमरों को कंडम घोषित कर दिया गया है, तो बच्चों को खुले में या दूसरे सुरक्षित कमरों में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। इससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। विभाग का कहना है कि तीन और भवनों तथा कमरों को कंडम घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है।
इन सभी 29 भवनों तथा कमरों की जानकारी यू-डाइस पोर्टल पर भरी जाएगी। इसके बाद दिसंबर के बाद राज्य सरकार से ग्रांट मिलेगी, जिससे नए और सुरक्षित भवनों का निर्माण किया जा सकेगा।
इन स्कूलों के कमरे कंडम घोषित हो चुके:
जीएसएसएस जाटूसाना, जीपीएस जीवड़ा, जीपीएस मालियाकी, जीपीएस हांसावास
जीपीएस जाटूसाना, जीपीएस राजावास, पीएमश्री पाल्हावास, जीपीएस दखौरा, जीजीएमएस बावल, जीजीएचएस जाटूसाना, जीपीएस खरखड़ी, जीएमएस ढोकिया, जीपीएस भवाड़ी, जीपीएस पहराजवास
जीएमएस गिंदोखर, जीपीएस नैनसुखपुरा, जीएसएसएस शहबाजपुर पदैयावास, जीएसएसएस करावरा मानकपुर,
जीएचएस टांकड़ी, जीपीएस नांगल उगरा, जीपीएस चांदनवास में कमरे जर्जर हो चुके हैं।
जीएचएस और जीपीएस जैतपुर, जीएमएसएसएस ततारपुर इस्तमुरार, जीएमएस कालाका को कंडम घोषित करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
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जरूरत वाले स्कूलों के केस बनाकर पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को भेजे हैं, ताकि किसी प्रकार का कोई हादसा न हो और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे। विभाग की तरफ से बच्चों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- राजेन्द्र शर्मा, कार्यकारी डीईओ रेवाड़ी।