जिले में मंगलवार को 3 नए केस डेंगू के मिले। अब तक जिले में 31 केस आ चुके हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से डेंगू व वायरल बुखार से सावधानी बरतने को कहा है। डेंगू एक वायरल बीमारी है, जो की एडीज मच्छर के काटने से फैलती है। एडीज मच्छर सुबह के टाई काटता है और यह साफ व खडे़ पानी में अंडे देता है इसलिए हमें अपे घर व आस पडृोस में जहां पर भी पानी खड़ा हो चाहे वो किसी पाईप लिकेज का हो या बरसात का हो। उसको खत्म करना चाहिए। अगर खत्म नहीं कर सकते है तो इस प्रकार के पानी को सप्ताह में एक बार खली करके एक दिन के लिए उस पात्र को सप्ताह में एक बार सुखा लेना चाहिए। जैसे कि कूलर, गमले, घर में रखे हुए फ्लावर पोट, पक्षियों के लिए रखे गए पानी के पात्र, पशुओं के पानी पीने के पात्र आदि।
पिछले वर्ष 39 मामले आए थे सामने
डेंगू बुखार मानसून व मानसून के पश्चात विशेषकर सितंबर, अक्टूबर महीने में फैलता है। इसी प्रकार इस वर्ष जिला रेवाड़ी में जैसे कि बारिश का मौसम चलता रहा जिससे पिानी भी जगह-जगह एकत्रित हुआ जिस कारण से इस वर्ष डेंगू के केस में बढ़ोत्तरी हुई है।
- 2018 में 118 केस सामने आए थे।
- 2019 में 27 केस सामने आए थे।
- 2020 में 39 केस सामने आए थे।
- 2021 में अब तक 31 केस पाए गए हैं।
डेंगू की रोकथाम के लिए डीसी यशेंद्र सिंह की अध्यक्षता में विभिन्न विभागाध्यक्षों की बैठक हुई। बैठक में डीसी यशेंद्र सिंह ने सभी कार्यालयों में मच्छर पैदा न हो पाएं इसके दिशा-निर्देश दिए गए। डीसी के मार्गदर्शन में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर 1222 नोटिस दिए गए, जिसके माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। एमपीएचडब्ल्यू आशा वर्कर घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ खड़े पानी में काला तेल डालकर मच्छरों की पैदाइश को खत्म किया जा रहा है। इस वर्ष जिला में आज तक डेंगू के 31 केस कंफर्म पाएं गए है, जिनमें से एक नागरिक अस्पताल में एडमिट है। डीसी ने बताया कि मच्छरों को मारने के लिए तालाबों में गंबुजिया मछलियां छोड़ी गई हैं और काले तेल का छिड़काव किया गया है ताकि मच्छरों को पनपने से रोका जा सके।