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Rewari News: सरकारी स्कूलों में 2 सालों में 12 हजार विद्याथी घटे

Tue, 02 Apr 2024 10:07 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। लुखी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दाखिला के लिए बच्चों को लेकर पहुंचे अभि
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रेवाड़ी। सरकारी विद्यालयों में बच्चों की घटती संख्या शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। 2 सालों में करीब 12 हजार विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है। इसको लेकर विभाग सत्र के शुभारंभ में नई-नई योजनाओं के जरिये विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। नए सत्र 2024-2025 में विभाग की ओर से बच्चों की संख्या में वृद्धि के लिए नया प्लान तैयार किया है।
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स्कूल मुखिया के साथ अध्यापक घर-घर जाकर सरकारी स्कूलों में दाखिला कराने के लिए अभिभावकों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसके बावजूद विभाग सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने में नाकाम साबित हो रहा है। बता दें कि सत्र 2017-18 में जिले के सरकारी विद्यालय में बच्चों की संख्या करीब 65 हजार थी। वहीं सत्र 2018-19 में 1238 विद्यार्थियों की संख्या में कमी हुई। सत्र 2019-20 में यह संख्या 62 हजार के करीब हो गई। सत्र 2020-21 में विद्यार्थियों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सत्र 2021 से लेकर सत्र 2023 में विद्यार्थियों की संख्या करीब 70 हजार के करीब दर्ज की गई। फिलहाल 2023-24 में यह संख्या घटकर 60 हजार के करीब पहुंच गई है। इन 7 सालों में 5 हजार विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है। इससे चिंतित शिक्षा विभाग नए सत्र में नई योजना तैयार करने के साथ -साथ प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर दाखिला प्रक्रिया शुरू करने को लेकर लगातार प्रयास कर रही है। सत्र 2021-22 में 72286 और सत्र 2022-23 में 71737 विद्यार्थी थे। 2023-24 सत्र में विद्यार्थियों की संख्या 60552 पहुंच गई। यानी 2 सालों में करीब 12 हजार विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है।
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वहीं सरकारी स्कूलों को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन इसके बाद भी सरकारी विद्यालयों में न अभिभावक और न ही विद्यार्थी रुचि दिखा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षक समय से नहीं पहुंचते। पढ़ाने पर पूरा ध्यान भी नहीं देते है। सरकारी भवन के साथ-साथ ही स्कूलों में बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। इस कारण सरकारी स्कूलों में नामांकन में साल-दर-साल गिरावट का क्रम जारी है। सरकारी विद्यालयों में निजी स्कूलों जैसी सुविधा देने के लिए सरकार ने विद्यार्थियों को डिजिटल बोर्ड पर पढ़ाई करने की सुविधा दी। लेकिन इसके बाद भी जिले में सरकारी स्कूलों से बच्चे दूरी बना रहे हैं।

इंसेट
जिले में सत्रवार विद्यार्थियों की संख्या
सत्रसंख्या
2017-18-65012
2018-19-63774
2019-20-62033
2020-21-63978
2021-22-72286
2022-23-71737
2023-24-60552

इंसेट

निजी संस्थानों में करवा रहे दाखिला

जिला प्रधान, प्राथमिक शिक्षक संघ धर्मेंद्र यादव का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा में दाखिला लेते समय बच्चे का आधार अपडेट और फैमिली आईडी में बच्चे का नाम जरूरी होने के साथ ही सरकार की नई एजुकेशन पॉलिसी में दाखिले के लिए बच्चे की उम्र 6 वर्ष की शर्त। प्रवासी मजदूरों के बच्चों के पास कोई फैमिली आईडी न होने पर दाखिला ना मिलना। इन सभी परेशानियों से बचने के लिए अभिभावक बच्चों का दाखिला सरकारी विद्यालयों में ना कराकर निजी संस्थानों में करवा रहे हैं। इससे लगातार सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की कमी होती बनती चली जा रही हैं।



वर्जन
इस बार विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग इस बार जागरूकता अभियान भी चला रहा है।- कपिल पूनिया, डीईईओ रेवाड़ी।

रेवाड़ी। लुखी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दाखिला के लिए बच्चों को लेकर पहुंचे अभि

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