रेवाड़ी। घटना की सूचना पर घर के बाहर पहुंचे लोग। संवाद
रेवाड़ी। शहर की राव तुलाराम विहार कॉलोनी में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से हर कोई स्तब्ध है। बेटा ऋषभ और बेटी स्वीटी संग जहर निगलकर खुदकुशी करने वाली अनिल कुमारी के पति अमित ने भी तीन माह पहले जनवरी में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। अमित अपनी मौत के पीछे कई सवाल छोड़ गया था, लेकिन अनिल अकसर लोगों से कहा करती थी कि एक दिन हम भी दुनिया से चले जाएंगे।
परिजनों और पड़ोसियों की मानें तो तीन माह पहले हुई अमित की मौत के बाद से पूरा परिवार बुरी तरह टूट चुका था। अमित की पत्नी अनिल कुमारी अकसर लोगों से कहा करती थी कि एक दिन हम भी दुनिया से चले जाएंगे। सब लोग उसे समझाते थे कि इस तरह का कदम कभी मत उठाना। लेकिन, बीते दिन अनिल ने अपने बच्चों के साथ आत्मघाती कदम उठा लिया। अब परिवार में केवल बुजुर्ग सास कृष्णा देवी ही बची हैं। कृष्णा देवी की देखभाल करने वाला भी कोई नहीं रह गया है।
पोती ने कहा, दादी हमने जहर खा लिया है
घटना के वक्त अनिल कुमारी की सास कृष्णा देवी सामान लेने बाजार गई थी। जब वह घर लौटी तो देखा तीनों उल्टियां कर रहे थे। स्वीटी ने कृष्णा से कहा, दादी हमने जहर खा लिया है। दादी के शोर मचाते ही आसपास के लोग इकट्ठा हुए और तीनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराते हुए पुलिस को सूचना दी। चिकित्सकों ने अनिल और स्वीटी को मृत घोषित कर दिया। ऋषभ को गंभीर हालत में गुरुग्राम रेफर किया था। देर रात ऋषभ ने भी दम तोड़ दिया।
रोहतक से पहुंचे परिजन, साथ ले गए शव
रोहतक के गांव मायना निवासी आजाद सिंह ने बताया कि अमित उसके छोटे भाई का बेटा था। अमित की मां कृष्णा देवी रेवाड़ी के भांडोर में नर्स की नौकरी करती थी। वह पहले किराए पर रहती थी। काफी साल पहले कृष्णा ने राव तुलाराम विहार में मकान बना लिया था। आजाद सिंह ने बताया कि उनके बेटे के पास कृष्णा का फोन आया था कि उसके बच्चों ने जहर निगल लिया है। इसके बाद आजाद सिंह रेवाड़ी पहुंचे और अंतिम संस्कार के लिए तीनों के शव रोहतक ले गए।