रेवाड़ी। हरियाणा सरकार प्रदेशभर में प्ले-स्कूल खोलने जा रही है। इनमें पढ़ाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मंगलवार से 10 सितंबर तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग संगीता यादव ने बताया कि यह ट्रेनिंग कार्यक्रम जिले के सभी खंडों में दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। इस ट्रेनिंग के लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं। वे जिले के सभी खंडों के 1125 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दो चरणों में प्रशिक्षण देंगे। प्रथम चरण में जिले में 166 प्ले स्कूल खोले जाएंगे। रेवाड़ी शहर व रेवाड़ी ग्रामीण के लिए सीडीपीओ शालू यादव, जाटूसाना के लिए सुमन यादव, खोल के लिए पुष्पा यादव, बावल व नाहड़ के लिए दीपिका सैनी को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत रेवाड़ी ग्रामीण की 257, रेवाड़ी शहर की 108, जाटूसाना व खोल की 190-190, बावल की 228 तथा नाहड़ की 152 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
यह रहेगा प्रशिक्षण का शेड्यूल
प्रथम चरण में 31 अगस्त से 4 सितंबर तक तथा द्वितीय चरण में 6 से 10 सितंबर तक आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण रेवाड़ी शहर व रेवाड़ी ग्रामीण के लएि ढालियावास, बाल भवन व बीडीपीओ कार्यालय रेवाड़ी, जाटूसाना के लिए परखोत्तमपुर स्कूल, खोल के लिए पंचायत घर माजरा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व बीडीपीओ खोल, बावल के लिए बाल भवन बावल और नाहड़ के लिए राकवमावि कोसली में ट्रेनिंग सेंटर बनाए गए हैं। रेवाड़ी ग्रामीण के लिए योगेश, वंदना, सिवानी, रामभतेरी, आरती, निशा, सीमा, पुष्पा, रेवाड़ी शहर के लिए सरोज, कांता, पुष्पा, रचना व सुषमा, जाटूसाना के लिए अंतिम, माया, रीना, मंजू, नीरू व अंतिमा, खोल के लिए सुजिता, स्नेह, प्रियंका, एकता, सुशीला व राधा, बावल के लिए कमलेश, सबनम, स्नेहलता, सुदेश मंजू व ममता और नाहड़ के लिए नीतू, यूगांता, राजबाला, पिंकी, सरला व संतोष को सुपरवाइजर व मास्टर ट्रेनर्स की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रेवाड़ी के उपायुक्त यशेंद्र सिंह ने बताया कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा काफी महत्वपूर्ण होती है और इसका प्रभाव जीवन भर रहता है। इसी को ध्यान में रखकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्ले-स्कूल स्तर पर पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि प्रदेश सरकार की घोषणा के अनुरूप आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में बदलने की योजना का सही रूप से क्रियान्वयन किया जा सके।