शहर के बीघड रोड पर करीब डेढ़ वर्ष पहले अवैध रूप से काटी गई अन्ना हजारे कॉलोनी की रजिस्ट्री फीस कम भरने पर प्रशासन ने रजिस्ट्री को जब्त कर लिया है।
कलेक्टर ने खरीददाराें को 50 लाख की स्टांप ड्यूटी भरने के लिए 12 खरीददाराें को नोटिस जारी किए हैं। जानकारी के अनुसार 61 कनाल 19 मरले कृषि योग्य भूमि पर कुछ लोगाें ने अवैध रूप से प्लॉट काटकर बेच दिए थे। इस जमीन की कलेक्टर रेट के हिसाब से 11 करोड़ 52 लाख रुपये कीमत की रजिस्ट्री करवाई गई थी।
जिसकी रजिस्ट्री फीस के रूप में 7 लाख 75 हजार रुपये स्टांप ड्यूटी तहसील कार्यालय में भरकर रजिस्ट्री करवा ली गई। लेकिन जब प्रशासन को इस जमीन पर कॉलोनी काटने की सूचना मिली तो एसडीएम कम कलेक्टर बलजीत सिंह ने इस रजिस्ट्री की जांच पड़ताल की और 11 मई 2013 को इंपाउड कर दी। लगभग एक करोड़ 54 लाख 87 हजार 500 वर्ग गज भूमि की जांच की गई तो कलेक्टर से रिहायशी कॉलोनी माना।
जिसकी फीस 57 लाख 61 हजार 350 रुपये बनती थी, वहीं 7 लाख 75 हजार रुपये पहले ही अदा कर दिए गए थे। अब एसडीएम ने जांच पड़ताल के बाद सुशील कुमार, हनुमान प्रसाद, प्रमोद कुमार समेत 12 खरीददाराें को नोटिस भेजकर करीब 49 लाख 86 हजार 350 रुपये स्टाम्प ड्यूटी भरने को कहा है।
हालांकि खरीददारों ने इसकी अपील हिसार मंडल के आयुक्त की कोर्ट में कर दी है। मालूम हो कि ढाणी चेतनपुरा निवासी सुखदेव सिंह, हरविन्द सिंह, सतनाम सिंह व देवेन्द्र सिंह ने 61 कनाल 19 मरले जमीन उपरोक्त 12 खरीददाराें को बेची थी। खरीददाराें ने इस जमीन पर बिना किसी की अनुमति लिए प्लॉट काटकर बेच दिए और इस कॉलोनी का नाम अन्ना हजारे कालोनी रख दिया। तब से इस मामले की जांच चल रही है।