भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को अचानक इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला से मुलाकात कर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में जेल की सजा काट रहे चौटाला से राजनाथ की लंबे समय बाद हुई इस मुलाकात के कई राजनीतिक मतलब निकाले जा रहे हैं।
सर्वाधिक चर्चा इस बात की है कि इसके बहाने भाजपा अपने नए सहयोगी हजकां की जगह कहीं पुराने सहयोगी इनेलो के साथ हरियाणा में एक और पारी खेलने का तो मन नहीं बना रही।
राजनाथ अपने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी के साथ चौटाला से मिलने गए। चौटाला जेल की हिरासत में स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती हैं। दोनों नेताओं के बीच लगभग 20 मिनट तक बातचीत हुई।
मुलाकात के संबंध में पूछे जाने पर नकवी ने कहा कि चौटाला बड़े नेता हैं और भाजपा के पुराने सहयोगी रहे हैं। इस नाते राजनाथ सिंह अस्वस्थ चौटाला से शिष्टाचार वश मिलने गए थे।
मुलाकात के दौरान राजनीतिक चर्चा के बारे में पूछे जाने पर नकवी ने कहा कि जब दो नेता मिलेंगे तो राजनीतिक चर्चा तो होगी ही।
भाजपा ने फिलहाल हरियाणा में हरियाणा जनहित कांग्रेस के साथ गठबंधन जारी रखने का फैसला तो किया है पर सच्चाई यह है कि पार्टी के अंदर हजकां से गठबंधन पर राजनीतिक नफा-नुकसान पर विमर्श जारी है।
जाट समुदाय का वोटबैंक
पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का एक धड़ा अब भी चौटाला के साथ ही चुनाव मैदान में उतरने को लाभ का सौदा मान रहा है।
इनका तर्क है कि राज्य में भाजपा और हजकां दोनों का वोट बैंक गैरजाट समुदाय हैं। ऐसे में हजकां से गठबंधन जारी रखना लाभ का सौदा नहीं है। पार्टी अगर इनेलो से गठबंधन करती है तो गठबंधन को जाट समुदाय के भी वोट हासिल होंगे।
हजकां को भी समर्थन
हालांकि हजकां से गठबंधन जारी रखने वाले धड़े का तर्क है कि शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में चौटाला और उनके बड़े पुत्र को मिली सजा के बाद स्थिति इनेलो के अनुकूल नहीं है।
ऐसे में हुड्डा सरकार से नाराज जाट समुदाय के वोट भी भाजपा को मिल सकते हैं।