शहर के प्रमुख सामाजिक संगठन पंजाबी युवा एकता मंच के सरपरस्त राजकमल सहगल ने मंच की कार्यकारिणी से परेशान होकर अपने नौ पदाधिकारियों सहित पद से इस्तीफा दे दिया है।
सहगल ने कहा कि मंच के कुछ पदाधिकारियों ने स्वार्थ के चलते इसे राजनीति का अखाड़ा बना दिया है। भाईचारे की एकजुटता के मंच के उद्देश्य को मुख्य मुद्दे से भटका दिया है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद के लिए मंच का गठन किया गया था, परंतु मंच को चलाने वाले ही कुछ लोग इसका राजनीतिकरण कर रहे हैं।
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंच के सरपरस्त राजकमल सहगल ने कहा कि मंच के प्रधान हेमंत बख्शी की कार्यशैली के चलते मंच अपने उद्देश्यों से भटक गया है। राजकमल ने कहा कि मंच का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद करना, विधवाओं की सहायता करना, गरीब बच्चों को शिक्षित करने के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन मंच का कांग्रेसीकरण होने से पंजाबी बिरादरी में भी रोष है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिकदलों से संबंध रखने वाले युवा मंच से इसलिए जुड़े थे कि पंजाबी समाज का उत्थान हो। सहगल ने कहा कि मौजूदा हालात से आहत होकर भेदभाव के चलते पंजाबी युवा का गठन हुआ था, लेकिन हर आयोजन में मंच के कुछ स्वार्थी सदस्यों की वजह से मंच अपने उद्देश्य से भटक गया है और एक तरह से कांग्रेस पार्टी में उसका विलय हो गया है। राजकमल सहगल ने सुशील धींगड़ा, हेमंत, राजू, अनिल सोनी, तरुण नंदा, मोहित खन्ना, आशु खुराना, संजय सहगल और टीकू सहगल के साथ इस्तीफा दे दिया।
मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। पंजाबी युवा एकता मंच सामाजिक उत्थान का काम कर रहा है, उसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।
- हेमंत बख्शी, प्रधान, पंजाबी युवा एकता मंच