समालखा। नारायणा गांव में मकान निर्माण कार्य के दौरान ऊंचाई से नीचे गिरने से गंभीर रूप से घायल हुए एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने ठेकेदार और मकान मालिक पर सुरक्षा के कोई भी इंतजाम न करने और जबरन जोखिम भरे हालात में काम करवाने का गंभीर आरोप लगाया है। थाना समालखा पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
सोनीपत के जैनपुर गांव की मंजू उर्फ सरोज ने थाना समालखा पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि उनका देवर प्रमोद अपने परिवार के साथ गांव में नहीं रहता था। वह अपनी बहन के पास खोजकीपुर में रहकर मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का गुजर-बसर करता था।
बलबीर नाम का व्यक्ति 24 अक्तूबर को प्रमोद को समालखा से गांव नारायणा में सुरेंद्र के घर मजदूरी के लिए लेकर गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा के मानकों की पूरी तरह से अनदेखी की गई थी। वहां काम करने के लिए न तो कोई मचान या सुरक्षा जाल था और न ही रस्सी या अन्य जरूरी सुरक्षा साधन उपलब्ध कराए गए थे। सुरेंद्र ने कथित तौर पर प्रमोद को जबरन दीवार पर चढ़ा दिया और अधिक ऊंचाई पर जाकर काम करने का भारी दबाव बनाया। दबाव में काम करने के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से प्रमोद ऊंचाई से नीचे आ गिरा। इससे उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई। हादसे के तुरंत बाद उसे आनन-फानन में इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई रोहतक में इलाज के दौरान कई दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद 29 अक्तूबर को प्रमोद ने दम तोड़ दिया।
थाना समालखा पुलिस के प्रभारी महिपाल ने बताया कि मृतक की भाभी की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ब्यूरो