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ऑटो में महिला ने बच्चे को दिया जन्म, 40 मिनट तक भटकते रहे परिजन

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एक महिला ने सिविल अस्पताल में पहुंचने से पहले संजय चौक के पास ही ऑटो में बच्चे को जन्म दे दिया। परिजन आनन फानन में प्रसूता को रेडक्रॉस ले गए, जहां से डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा को सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। सिविल अस्पताल में जच्चा-बच्चा की 40 मिनट तक स्टाफ ने सुध नहीं ली। इमरजेंसी से उन्हें द्वितीय तल पर भेज दिया गया। यहां भी सुनवाई नहीं हुई। जच्चा-बच्चा इलाज के अभाव में 40 मिनट ऑटो में ही रहे। इसके बाद दोनों को प्रसूति वार्ड लाया गया। फिलहाल दोनों का सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। दोनों की हालत सामान्य है।
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रीना देवी पत्नी प्रमोद रॉय मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर गांव की रहने वाली है। पिछले कई साल से प्रमोद गांव सिवाह में किराए पर रहता है। रीना नौ माह की गर्भवती थी। इससे पहले वह एक बच्चे की मां है। रीना के भतीजे अजय ने बताया कि शुक्रवार सुबह आठ बजे उसकी चाची रीना को पेट में तेज दर्द हुआ था। वो उसे ऑटो में लेकर सिविल अस्पताल आ रहे थे। बार बार ऑटो के ब्रेक लगने व झटके लगने से उसे पेट में तेज दर्द हो गया और संजय चौक के पास ऑटो में ही उसकी चाची रीना की डिलीवरी हो गई। वो तुरंत उसे लाल बत्ती चौक के पास रेडक्रॉस में ले गए। यहां से डॉक्टरों ने उसे सिविल अस्पताल भेज दिया। सिविल अस्पताल में उन्हें इलाज नहीं मिला डॉक्टर इधर से उधर भेजते रहे। 40 मिनट में जच्चा बच्चा ऑटो में ही रहे। बाद में डॉक्टर हरकत में आए और उन्हें प्रसूति वार्ड में दाखिल कराया गया।
समय पर आए अस्पताल: डॉ. अमित
डिप्टी एमएस अमित पोरिया ने कहा कि हर गर्भवती महिला को समय पर अस्पताल लेकर आना चाहिए। समय पर नहीं आने से रास्ते में डिलीवरी हुई है। इससे जच्चा बच्चा को जान का खतरा है। वो इस संबंध में स्टाफ से बात करेंगे अगर कर्मियों ने लापरवाही बरती है तो उन पर कार्रवाई होगी।
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