फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले ड्रेन में डाला जाना था पानी, अब रिफाइनरी को देंगे

विज्ञापन
विज्ञापन
वार्ड -24 की गोपाल कॉलोनी में निगम की अमरूत योजना के तहत बनाए जा रहे 15 एमएलडी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट ने दौरा किया।
विज्ञापन

इस दौरान उन्होंने निगम अधिकारियों से अमरूत योजना के तहत बनाए जा रहे इस एसटीपी की पूरी जानकारी ली। उन्होंने बताया कि पहले यहां से ट्रीट हुए पानी को ड्रेन में डालने का प्लान तैयार किया गया था लेकिन अब इस पानी को रिफाइनरी को देने का प्लान बनाया गया है। इसके बदले रिफाइनरी से इस एसटीपी के ऑपरेशन एंड मेंटनेंस का खर्च लिया जाएगा। अभी तक इस खर्च का पूरा आंकलन नहीं लग पाया है। इसका पता तब चलेगा जब एसटीपी वर्किंग में होगा। इस दौरान उनके साथ निगम अधिकारी और अमरूत योजना के ठेकेदार भी मौजूद रहे।
यहां बनाए जा रहे एसटीपी
नगर निगम बरसत रोड पर कृपाल आश्रम के पास अपनी करीब पौने चार एकड़ की जमीन पर 25 एमएलडी का एसटीपी लगा रहा है। इस एसटीपी से वार्ड नंबर एक से लेकर पांच तक की करीब 25 कॉलोनियों की निकासी के गंदे पानी का ट्रीट किया जाएगा। दूसरी तरफ वार्ड नंबर 24 के अंतर्गत आने वाली गोपाल कॉलोनी में 15 एमएलडी यानी मिलियन लीटर प्रति दिन का एसटीपी लगाया जा रहा है। इसमें वार्ड नंबर 24 से लेकर 26 तक की करीब 15 कॉलोनियों के गंदे पानी को ट्रीट किया जाएगा। यहां निगम ने टेंडर के माध्यम से करीब तीन एकड़ जमीन पर एसटीपी का काम शुरू करवा दिया है। इन कॉलोनियों का गंदा पानी मुख्य सीवर लाइन से होते हुए एसटीपी तक जाएगा। जिसके बाद इसे ट्रीट कर दूसरे उपयोग में लिया जाएगा।
विज्ञापन

यहां भी इस्तेमाल किया जा सकता है ट्रीटेड पानी जिससे होगी भूजल की बचत
इन दोनों एसटीपी से प्रति दिन चार करोड़ लीटर पानी का शोधन होने की संभावनाएं बताई जा रही हैं। ये पानी खेती बाड़ी, बागवानी, फॉयर ब्रिगेड की गाड़ियों और डाई हाउसों को भी दिया जा सकता है। इसके अलावा ये पानी पीने के अलावा सभी जगह इस्तेमाल करने लायक बनाया जाएगा। इससे रोजाना हो रहे भूजल की बचत होगी। जो पानी पहले खेती या अन्य चीजों के लिए इस्तेेमाल होता आ रहा है उसकी बचत होगी।
वर्जन-
उपयोग में लाया जाएगा ट्रीटेड पानी- भट्ट
निगम अधिकारियों के साथ 15 एमएलडी एसटीपी का दौरा किया गया है। इससे ट्रीट हुए पानी को रिफाइनरी को देने की योजना बनाई जा रही है। रिफाइनरी में ये पानी इस्तेमाल भी हो सकेगा और इसके रखरखाव का खर्च भी रिफाइनरी से लिया जा सकेगा।
विज्ञापन

दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम, पानीपत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें