स्ट्रीट लाइटों के आवंटन में धांधली के आरोपों से बचने के लिए नगर निगम ने हर स्ट्रीट लाइट की लोकेशन फोटो समेत दर्ज करने का फैसला लिया है। शहर में इंस्टाल की गई हर स्ट्रीट लाइन की लोकेशन गूगल पर मिलेगी। इसके लिए नगर निगम सभी 10 हजार लाइटों के लॉन्गिट्यूड और लैटीट्यूड दर्ज कर रहा है।
निगम कर्मचारी हर लाइट के पास जाकर गूगल मैप के लिए फोटो और लोकेशन ले रहे हैं। डाटा सुरक्षित करने के बाद निर्धारित पैरामीटर के जरिए गूगल स्ट्रीट लाइन की लोकेशन मिल जाएगी। इसका लाभ यह होगा कि स्ट्रीट लाइन के इंस्टॉलेशन की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इसका डाटा कभी भी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके साथ ही इंस्टॉलेंशन में धांधली के आरोपों से भी छुटकारा मिलेगा। स्ट्रीट की लोकेशन सर्च करने के बाद मौके पर जाकर कोई भी उसका निरीक्षण कर सकेगा।
विधायक ने स्ट्रीट लाइट के स्टॉलेशन पर उठाए थे सवाल
शहरी विधान सभा क्षेत्र के विधायक ने शहर के सभी वार्डों में नई ब्रांडेड लाइटों को इंस्टॉल करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने करीब 9800 लाइटों के लिए सवा दो करोड़ रुपये का बजट शासन से पास कराया था। लाइटें लगवाईं और इनके रखरखाव और इंस्टॉलेशन के लिए भी करीब सवा दो करोड़ का टेंडर करवाया। इन लाइटों में से 26 वार्डों में हर पार्षद को 300-300 लाइट सौंपी गईं। सांसद, विधायक और मेयर के कोटे में 500-500 लाइटें दी गई। नगर निगम ने दावा किया उन्होंने सभी स्ट्रीट लाइन इंस्टॉल करा दी हैं, लेकिन शहरी विधायक ने कहा था कि नई स्ट्रीट लाइन इंस्टॉल न होने की शिकायत मिल रही है।
इससे निगम के पास सभी लाइटों की इंस्टॉलेशन संबंधित फोटो समेत लोकेशन की पूरी जानकारी रहेगी। जो भविष्य में भी कारगार साबित होगी। अधिकारियों को पता रहेगा कि किस जगह पर कौन से वार्ड और कॉलोनी में कितनी लाइटें लगवाई गई हैं।
रमेश कुमार, एसई, नगर निगम, पानीपत।