पानीपत। दोनों जोन में एजेंसी की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं का निगम ने खुलासा किया है। दोनों जोन में 1135 सफाई कर्मचारी, 76 सुपरवाइजर, 71 ट्रैक्टर ट्राली, 320 ई-रिक्शा, चार जेसीबी, दो मैनेजर और दो कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। 2017 की वार्डबंदी के अनुसार शहर की जनसंख्या के आधार पर इस टेंडर को लगाया गया था। इसमें एक जोन की 3,82,426 और दूसरे जोन में 3,31,805 आबादी आंकी गई है। इसमें 400 लोगों पर एक सफाई कर्मचारी तय किया गया है।
गौरतलब है कि पार्षदों की ओर से टेंडर की जानकारी के सवालों का जवाब निगम ने इस डीएनआईटी रिपोर्ट से दिया है। ये रिपोर्ट निगम ने मुख्यालय भेज दी है।
जोन नंबर एक : वार्ड नंबर 1-14 के बनाए एक जोन में एजेंसी 607 सफाई कर्मचारी लगाएगी। 15 कर्मचारियों पर एक सुपरवाइजर के हिसाब से कुल 41 सुपरवाइजर लगाए जाएंगे, इन पर दो मैनेजर रहेंगे। यहां 38 ट्रैक्टर ट्राली, 175 ई-रिक्शा और दो जेसीबी मशीन तक लगाई जाएंगी।
इसके अलावा डस्टबिन से लेकर सफाई के उपकरण भी एजेंसी की ओर से उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस हिसाब इस जोन के हर वार्ड में करीब 43 सफाई कर्मचारी, करीब तीन सुपरवाइजर, हर सात वार्ड में एक जेसीबी, हर वार्ड में दो से तीन ट्रैक्टर ट्राली और करीब 12 से 13 ई-रिक्शा लगाई जाएंगी।
जोन नंबर दो : जोन नंबर दो के वार्ड नंबर 15 से लेकर 26 तक के वार्डों में 528 सफाई कर्मचारी एजेंसी की ओर से लगाए जाएंगे। इनके ऊपर 76 सुपरवाइजर होंगे, जिन पर दो मैनेजर भी होंगे। जोन में दो जेेसीबी होंगी। 33 ट्रैक्टर ट्राली और 145 ई- रिक्शा होंगी।
इसके अलावा डस्टबिन से लेकर सफाई के उपकरण तक एजेंसी की ओर से उपलब्ध करवाए जाएंगे। इन वार्डों के लिए एजेंसी की ओर से एक शिकायत केंद्र बनाए जाएगा। इस हिसाब से दूसरे जोन के इन 12 वार्डों में प्रति वार्ड 44 सफाई कर्मचारी, 6 से 7 सुपरवाइजर, दो से तीन ट्रैक्टर ट्राली, 12 से 13 ई-रिक्शा मिलेंगी।
ये भी जानें
जोन नंबर एक और दो के टेंडर गणेशा इंटरप्राइजेज को अलॉट किए गए हैं। दोनों जोन के टेंडर की फाइनेंशियल बिड के बाद दोनों में करीब 50 से 60 हजार रुपये का मोलभाव किया गया। इसके बाद जोन नंबर का टेंडर 1,87,39000 रुपये में दिया गया है। जबकि दूसरे जोन का टेंडर 1,65,02000 में दिया गया है। इस हिसाब से दोनों जोन का टेंडर तीन करोड़ 52 लाख 41000 रुपये में दिया गया है।
शहर को मिलेंगी सुविधाएं
जोन वाइज टेंडर में सफाई कर्मचारियों से लेकर मशीनरी तक का आकलन पहले ही तैयार किया जा चुका था। इस हिसाब से ही टेंडर लगाया गया था। जिसे निगम कमेेटी ने मंजूरी भी दी है। इस रिपोर्ट को मुख्यालय तक भी भेज दिया गया है। अगर किसी को इसकी जानकारी चाहिए तो वह निगम से ले सकता है। -आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम।