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ग्रामीणों ने चकबंदी में गड़बड़ी का लगाया आरोप

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समालखा। गांव हथवाला में हुई चकबंदी में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने बुधवार को अपने बच्चों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने नारे लगाते हुए कहा कि पुरखों की जमीन नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समाधान नहीं हुआ तो उपमुख्यमंत्री के कार्यालय के बाहर आत्मदाह करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। उधर, दूसरे पक्ष का कहना है कि चकबंदी में कुछ गलत नहीं है और जमीन पर उनका ही हक है।
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ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी जमीन वापस उनके नाम नहीं होती और भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, उनका आंदोलन चलता रहेगा। प्रशासन ने गांव हथवाला में चकबंदी कराई थी। गांव का करीब 2700 एकड़ का रकबा है। इसमें यमुना की तरफ करीब 2100 एकड़ जगह है। इसमें 1142 एकड़ भूमि की चकबंदी को लेकर विवाद चल रहा है। यमुना की तलहटी में जगह होने के कारण धारा के साथ कई बार भूमि यमुना में समा जाती है। अब बदलती धारा के साथ इसकी चकबंदी की गई।
बोले ग्रामीण- लाखों का हुआ है भ्रष्टाचार
ग्रामीण नीरज त्यागी, शिवकुमार, सोमदत्त, नारायण, रघुबीर सैनी, रविदत्त, बृजेश, नीरज, विनोद त्यागी, रामकुमार का कहना है कि ये उनके पुरखों की जगह है और अब वह इस पर काबिज हैं लेकिन एसीओ एवं पटवारियों ने मिलीभगत कर उनकी जमीन पर किसी अन्य का हक दिखा दिया है। आरोप लगाया कि लाखों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। षड्यंत्र करके गांव का भाईचारा खराब किया जा रहा है।
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42 सदस्यों की बनी थी कमेटी पर न हुआ समाधान
विरोध कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि चकबंदी के समय 42 सदस्यों की कमेटी बनाई गई थी। इसमें से 36 सदस्यों ने शपथपत्र देकर आरोप लगाया था कि 90 प्रतिशत रिकॉर्ड गलत चढ़ाया गया है। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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