पानीपत। पत्र दिखाते हुए पीपी कपूर।
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पानीपत। वायरल वीडियो प्रकरण के बाद एक बार फिर आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कूपर और समालखा के पूर्व विधायक आमने-सामने आ गए हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने पूर्व विधायक छौक्कर पर चरित्र हनन का आरोप लगाते हुए 20 लाख रुपये मुआवजे और आपराधिक मुकद्दमा चलाने के लिए सिविल कोर्ट एवं क्रिमिनल कोर्ट में याचिका दायर की हैं।
क्रिमिनल कम्प्लेंट की सुनवाई 27 मई और मुआवजा राशि केस की सुनवाई सिविल कोर्ट समालखा में 23 अगस्त को होगी। दूसरी ओर पूर्व विधायक ने सभी आरोप बेबुनियाद बताएं। उन्होंने कहा कि कपूर ने उनके साथ धोखेबाजी की, उनके साथ गाली गलौज करते हुए मानहानि की। अब वे कपूर के खिलाफ मानहानि और धोखेबाजी करने का कोर्ट में दावा करेंगे।
आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने अपने अधिवक्ताओं विदुर चौधरी व संजय त्यागी की मार्फ़त तमाम सबूतों सहित समालखा कोर्ट में शिकायतें दायर की हैं। उनका आरोप है कि पूर्व विधायक भरत सिंह छौक्कर ने पिछले दिनों उनके विरुद्ध वायरल वीडियो में बेबुनियाद आरोप लगाकर उनका चरित्र हनन किया है। इससे समाज में उनकी प्रतिष्ठा को भारी आघात पहुंचा है। कपूर ने पहले तो पूर्व विधायक व वायरल वीडियो बनाने वाले दोनों यू ट्यूब चैनलों के पत्रकारों को लीगल नोटिस भेजकर 15 दिन में माफी मांगने की चेतावनी दी थी। नोटिस मिलते ही दोनों यू ट्यूब चैनल के पत्रकारों ने तो तुरंत लिखित रूप से माफीनामा कपूर को सौंपा लेकिन पूर्व विधायक भरत सिंह छौक्कर ने माफी नहीं मांगी, बल्कि लिखित जवाबी पत्र में निराधार आरोप फिर दोहरा दिए।
इससे नाराज कपूर ने अपनी याचिका में इन निराधार आरोपों से हुए उनके चरित्र हनन, मानसिक पीड़ा का मुआवजा 20 लाख रुपये दिलवाने की मांग की है। जबकि दूसरी शिकायत में पूर्व विधायक को भारतीय दंड संहिता की धारा 195 ए, 499, 500 के तहत दंडित करने की भी मांग अदालत से की है। इस पर समालखा पूर्व विधायक भरत सिंह छौक्कर ने कहा कि कपूर ने उनके एक प्लाट पर दूसरे का कब्जा करवाने की नीयत से एक प्लाट के दो नक्शे बनाए। जो एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। पूछने पर अपने ही कार्यालय में गालीगलौज की और ठगी के आरोप लगाए। कई बार शिकायतें भी दी, जो गलत साबित हुई। कपूर के खिलाफ अब कोर्ट में मानहानि समेत धोखेबाजी करने का दावा किया जाएगा। उनका लाइसेंस तक रद्द करवाया जाएगा।