पानीपत। नहर में डूबने से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। रविवार को भी 19 वर्षीय छात्र बत्रा कॉलोनी के सामने दिल्ली पैरलल नहर में बह गया। गोताखोर नहर का पानी कम कराकर उसकी तलाश में जुटे रहे। यह हालात तब है जब जिला प्रशासन ने नहर में नहाने पर प्रतिबंध लगाते हुए धारा-144 लागू की है।
जिला प्रशासन ने धारा-144 तो लगा दी, लेकिन उसका पालन कराने पर ध्यान नहीं है। लिहाजा आए दिन घटनाएं सामने आ रहीं हैं। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के रहने वाले बत्रा कॉलोनी निवासी मुन्ना अंसारी ने बताया कि उनका सबसे छोटा बेटा मोहम्मद अंसार अंसारी रविवार सुबह करीब 11 बजे दोस्तों के साथ नहर में नहाने गया था। दोपहर तीन बजे तक घर नहीं लौटा तो उसे फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हुआ। इसी बीच दामाद के फोन पर कॉल आई और सूचना मिली कि बेटा नहर में बह गया है। दिल्ली पैरलल नहर पहुंचे, जहां किनारे पर अंसार के कपड़े मिले। इसके बाद पुराना औद्योगिक थाने पहुंचे और बेटे को तलाश करने की गुहार लगाई। पुलिस ने गोताखोरों को बुलाकर तलाश शुरू की। समाचार दिए जाने तक उसकी तलाश की जा रही थी। पुलिस ने मामले में गुमशुदगी का केस भी दर्ज किया है।
अंसार को तैराना नहीं आता था। इसलिए वह रस्सी पकड़कर उसके सहारे नहर में कूदा था, लेकिन रस्सी टूट गई और वह बह गया। पिता ने बताया कि स्थानीय लोगों ने बताया कि अंसार पहले रेलवे ब्रिज पर चढ़ा था। उसके दोस्त भी ब्रिज पर मौजूद थे। रस्सी का एक सिरा अंसार के हाथ में था और दूसरा दोस्तों के हाथ में। इसी बीच अंसार ने नहर में छलांग लगा दी, लेकिन छलांग लगाते समय रस्सी बीच से टूट गई और वह बह गया। हादसे के बाद दोस्त भी घबराकर भाग गए।
विभाग से कम कराया नहर का पानी, चार गोताखोर तलाश में जुटे
पिता मुन्ना अंसारी ने बताया कि पुलिस ने चार सरकारी गोताखोर बुलाए। जिन्होंने पानी का बहाव तेज देखते हुए नहर में जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह नहरी विभाग के एसडीओ से मिले और पानी कम कराया। गोताखोरों ने काफी दूर तक नहर में सर्च अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। परिजन भी बाइक पर सवार होकर नहर किनारे-किनारे समालखा तक देखकर आए, लेकिन अंसार का पता नहीं चला।
इन प्वाइंट पर हो रहे सबसे ज्यादा हादसे, गश्त की जरूरत
पानीपत में रिफाइनरी पुल के पास, गढ़ी सिकंदरपुर के पास, बत्रा कॉलोनी के पास, असंध नाका चौकी के पास, हनुमान मंदिर के पास, शनि मंदिर के पास, म्यूजियम के पास, सिवाह पुल के पास दिल्ली पैरलल, पश्चिमी यमुना लिंक नहर, असंध रोड और गोहाना रोड रजबाहे में सबसे ज्यादा लोग नहाने जाते हैं। इन्हीं प्वाइंट पर डूबने की घटनाएं भी सबसे ज्यादा होती हैं। इन जगहों पर गश्त की जरूरत है।
जून में जा चुकी हैं पांच जान, 16 जून को लगी थी धारा-144
जून में नहर में डूबने से पांच जानें जा चुकी हैं। छठी घटना रविवार को फिर हो गई। नहर में डूबने से लगातार हो रही मौतों पर जिला प्रशासन ने 16 जून को नहर में नहाने, कपड़े धोने पर रोक लगा दी थी। यहां धारा-144 लागू करते हुए कार्रवाई की घोषणा की थी। इसके बावजूद लोग मान नहीं रहे हैं।