महापंचायत में किसानों की संख्या से उत्साहित भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हरियाणा में ही यह खासियत है कि यहां एक गांव कहकर तीन राज्यों के किसान जुट जाते हैं। उन्होंने कहा कि पानीपत के किसानों ने मुझसे कहा था कि एक गांव के किसान आएंगे, लेकिन यहां तो हजारों किसानों ने एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि गत पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में हुई महापंचायत में भंडारा और खानपान की पूरी व्यवस्था पानीपत के गांव रिसालु की ओर से की गई थी। इस पर टिकैत ने रिसालु के किसानों का आभार जताते हुए गांव आने का आश्वासन दिया था। टिकैत ने कहा कि पानीपत में एकबार फिर किसानों ने बड़ी संख्या में भागीदारी कर आंदोलन को ताकत दी है।
- पानीपत महापंचायत में भी भंडारे की व्यवस्था गांव रिसालु ने संभाली
मुजफ्फरनगर की महापंचायत में भंडारे के बाद गांव रिसालु के ग्रामीणों ने पानीपत की महापंचायत में भी भंडारे की व्यवस्था संभाली। पानीपत की महापंचायत में रिसालु गांव के साथ ही मलिक खाप ने भी खाने पीने का इंतजाम किया।
- मुजफ्फरनगर में 200 और पानीपत में 101 हलवाइयों ने बनाया भंडारा
मुजफ्फरनगर महापंचायत की तरह पानीपत महापंचायत में भी एक दिन पहले ही रिसालु गांव के लोगों ने अलग-अलग राज्य से आने वाले किसानों के लिए खाना तैयार किया। मुजफ्फरनगर में 150 से ज्यादा हलवाइयों ने खाना बनाया था, जबकि पानीपत में 101 हलवाइयों ने महापंचायत के लिए खाना बनाया।
महापंचायत में किसान एकजुट : सोनू
टिकैत के आने से एक बार फिर हरियाणा, पंजाब व यूपी के साथ पानीपत के किसान एकजुट हुए हैं। अब किसान लगातार अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए प्रदर्शन करते रहेंगे।
- सोनू मालपुरिया, जिला प्रधान, भाकियू