पानीपत। नगर निगम का विज्ञापन का टेंडर डेढ़ साल से नहीं हुआ है, जबकि निगम की सभी वैध साइटों पर पहले की तरह ही विज्ञापन लगते आ रहे हैं। इससे निगम को करोड़ों का चूना लगाया जा चुका है। अब निगम अधिकारियों ने टेंडर संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर निगम आयुक्त को भेजी है। इस पर विज्ञापन एजेंसी और शहर में निगम के यूनिपोल पर लगे विज्ञापनों पर कार्रवाई की सिफारिश की है।
जांच रिपोर्ट में अधिकारियों ने माना कि निगम को एक साल का करीब 90 लाख रुपये के हिसाब से अब तक करीब सवा से डेढ़ करोड़ के बीच नुकसान हुआ है, जिसकी जिम्मेदारी टेंडर लेने वाली एजेंसी ही है। निगम अधिकारियों ने इसके लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करने और इस पर कार्रवाई की आयुक्त से अनुशंसा की है। आयुक्त को भेजे पत्राचार में अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन शर्तों पर एजेंसी को टेंडर अलॉट किया गया था, एजेंसी वे नियम और शर्तें भी पूरी नहीं कर पाई है।
विज्ञापन का टेंडर लगवाने को लेकर निगम पार्षद भी कई बार सदन की बैठक में हंगामा कर चुके हैं। चर्चा है कि आज तक यह टेंडर सिर्फ इसलिए नहीं किया जा रहा था कि इनमें से कुछ साइटों पर नेताओं की फोटो लगी हैं। वहीं निगम अधिकारियों ने कई बार अवैध साइटों को हटाने का प्रयास भी किया लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते इस कार्रवाई को अधर में रुकवा दिया गया।