पानीपत। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर-29 पार्ट-2 स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शोधित पानी का टोटल डिजाल्व सॉलिड्स (टीडीएस ) 100 हैं। जिससे उद्यमियों को राहत मिली हैं। मशीनरी की उम्र बढ़ने के साथ रंगाई बेहतर हुई है। इसके अलावा सबसे जरूरी खर्च भी घटा है।
प्लांट से पानी को शोधित करने के बाद उद्यमियों को दिया जा रहा है। इस पानी की वजह से बॉयलर की उम्र बढ़ी है क्योंकि अत्यधिक टीडीएस की वजह से बॉयलर खराब नहीं होगा। कपड़ों पर भी बेहतर रंगाई हो रही है। इस पानी के प्रयोग से पांच प्रतिशत रंग भी बच रहा है। अभी तक जो भूजल इस्तेमाल किया जा रहा था, उसका टीडीएस 1450 से अधिक है। इस पानी को इस्तेमाल करने के लिए आरओ में साफ करना पड़ता और फिर बॉयलर में डालना पड़ता है। इससे लागत बढ़ जाती थी। यह झंझट भी खत्म हो गया है।
नहरी पानी के लिए आवेदन नहीं करने वाले उद्योगों का कटेगा कनेक्शन
सेक्टर-29 पार्ट -2 के 200 उद्यमियों ने एचएसवीपी से नहरी पानी का कनेक्शन ले लिया है जबकि 150 ऐसे उद्यमी हैं, जिन्होंने अब तक वैध तरीके से कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं किया है। अब एचएसवीपी ने इन उद्योगों को कनेक्शन लेने के लिए एक सप्ताह का वक्त दिया है। इसके बाद कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू होगी।
पानी का दोहन बच रहा
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी मिलने से भूजल का दोहन बच रहा है। एचएसवीपी नहरी पानी को ट्रीट कर उद्योगों को दे रहा है। ऐसे में उद्यमियों को भूजल का दोहन नहीं करना पड़ रहा। पानीपत इंडस्ट्रियल एरिया रोज करीब दो करोड़ लीटर पानी का दोहन करता है।
पानी की कीमत कम करे एचएसवीपी
डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने बताया कि सीईटीपी के माध्यम से मिलने वाले रॉ वाटर की कीमत 17.37 रुपये प्रति लीटर है। उन्हें ये काफी महंगा पड़ रहा है। उत्पादन की लागत बहुत अधिक बढ़ रही है। उनकी मांग है कि इसे छह रुपये प्रति लीटर किया जाए। उद्यमियों के लिए दोबारा कैंप लगाया जाए। 400 एमएम से ज्यादा चौड़ी पाइप वालों के लिए पांच लाख रुपये सिक्योरिटी निर्धारित की गई है, इसे कम किया जाना चाहिए।
उद्यमी पानी का बिल भरें, नहीं तो कटेंगे कनेक्शन : एक्सईएन
एचएसवीपी नहरी पानी को ट्रीट कर पूरे सेक्टर 29 पार्ट टू में रॉ वाटर दे रहा है। रॉ वाटर का टीडीएस भी बेहतर है। सभी फैक्टरियों में कनेक्शन दिए गए हैं। जिन उद्यमियों ने मीटर ठीक नहीं कराया है, उन्हें मीटर ठीक कराने को कहा गया है। अगर उद्यमियों ने पानी का बिल जमा नहीं कराया और आवेदन नहीं किया तो उनके कनेक्शन काटे जाएंगे। -जगमाल सिंह, एक्सईएन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण।