पानीपत। भूत-प्रेत का साया बताकर 18 वर्षीय युवती से दुष्कर्म करने के दोषी सैनी कॉलोनी निवासी अनुज को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश गगनदीप मित्तल की कोर्ट ने सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मंगलवार को उसे दोषी करार दिया था और बुधवार को सजा सुनाई गई। दोषी पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। इसे अदा न करने पर उसे पांच माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
युवती की ओर से पैरवी कर रहे वकील संजीव आहूजा ने बताया कि 18 जून 2020 को युवती ने किला थाना पुलिस को शिकायत दी थी। उसने पुलिस को बताया कि उसकी भाभी को कुछ शारीरिक दिक्कतें थीं। इस वजह से उसका भाई 16 जून की शाम एक तांत्रिक को लेकर आया। तांत्रिक ने कहा कि उसके ऊपर भूत-प्रेत का साया है। तांत्रिक उसके भाई से चाकू लेकर उसे दूसरे कमरे में ले गया। मां भी उसके पीछे-पीछे आ गई। तब तांत्रिक ने अकेले में भूत को भगाने का झांसा देकर मां और भाई को कमरे से बाहर भेज दिया। इसके बाद तांत्रिक ने धागे पर सिंदूर लगाकर उसकी कमीज में डाल दिया।
उसने कहा कि परिवार को बचाने के लिए बहुत कुछ करना होगा। वह जबरन उसके कपड़े उतारे लगा तो उसने शोर मचाने कोशिश की, लेकिन तांत्रिक ने उसकी गर्दन पर चाकू रख दिया। चाकू की नोंक पर उसके साथ दुष्कर्म किया। तांत्रिक के जाने के बाद उसने मां को आपबीती बताई और 17 जून को थाने में शिकायत दी। पुलिस ने 18 जून को तांत्रिक अनुज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
फैसले में महात्मा गांधी और शिक्षाविद् एवं लेखक अमित अब्राहम के कोट का किया जिक्र
न्यायाधीश गगनदीप मित्तल ने फैसले में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और शिक्षाविद् एवं लेखकर अमित अब्राहम के कोट का जिक्र किया है।
1. इतिहास में दर्ज सबसे जघन्य और सबसे क्रूर अपराध धर्म या इसके जैसे ही कारणों के लिए किए गए हैं। - महात्मा गांधी
2. बलात्कार हत्या से भी जघन्य अपराध है क्योंकि बलात्कार पीड़िता पूरे जीवन काल में जीते जी मृत हो जाती है। - अमित अब्राहम
न्यायाधीश की टिप्पणी:
बलात्कार एक अपराध है, यह केवल एक महिला या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि यह पूरे समाज के खिलाफ अपराध है। यह एक महिला के पूरे मनोविज्ञान को नष्ट कर देता है और उसे गहरे भावनात्मक संकटों में धकेल देता है। यह अपराध बुनियादी मानवाधिकारों के खिलाफ है। एक महिला के जीवन में एक अपमानजनक और दर्दनाक घटना है, जो अस्तित्व के लिए भय और शक्तिहीनता की स्थिति की तरफ ले जाती है।
मामले में कुल 12 गवाह, मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता की गवाही को बनाया आधार-
उपरोक्त मामले में पीड़िता समेत 12 गवाहों की गवाही हुई। इसमें पीड़िता की गवाही और उसकी मेडिकल रिपोर्ट को मुख्य आधार बनाते हुए न्यायाधीश गगनदीप मित्तल ने फैसला सुनाया।