सुढल में बिजली मीटर बाहर लगाने का विरोध करने वाले किसानों एवं महिलाओं पर मुकदमा दर्ज करने के बाद बुधवार को किसानों ने भाकियू के बैनर तले जगाधारी अनाज मंडी मेें महापंचायत की। यहां किसानों एवं महिलाओं ने दर्ज मुकदमे वापस लेने एवं दस दिन में गन्ने का भुगतान नहीं होने पर विधानसभा स्पीकर कंवरपाल की कोठी पर ताला जड़ने की चेतावनी दी। इससे बाद किसान स्पीकर की आवास पहुंचे। वहां उन्होंने सीएम मनोहर लाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
जगाधारी मंडी मेें भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार घमंड से भर चुकी है। बिजली मीटर घरों से बाहर लगाकर उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। अगर किसान शांतिपूर्वक सरकार के इस निर्णय का विरोध करते हैं तो उन पर केस दर्ज किए जाते हैं।
10 मई को सुढ़ल में इसी का विरोध करने पर महिलाओं से अभद्रता की गई। प्रजातंत्र में हर वर्ग को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन भाजपा के शासनकाल में इस अधिकार का दमन किया जा रहा है। किसानों एवं महिलाओं पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेने पर किसान किसी भी हद तक जा सकते हैं। महापंचायत में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे
महापंचायत में किसानों को समझाने के लिए जगाधरी एसडीएम प्रेमचंद तथा डीएसपी अजय राणा, सुभाष चंद एवं राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। भाकियू पदाधिकारियों ने उनके समक्ष किसानों एवं महिलाओं पर दर्ज केस रद करने की मांग की। अधिकारियों ने इस संदर्भ में एसपी से मिलने की बात कही। इस पर भाकियू का प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिला।
एसपी से संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो पहुंचे स्पीकर आवास
एसपी से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी, जिला अध्यक्ष संजु गुंदयाना, प्रदेश सचिव हरपाल सिंह, कर्म सिंह मथाना, सत्यवान नरवाल व गुरमुख सिंह छछरौली ने एसपी सुमेर प्रताप सिंह से उक्त मामले में दर्ज किए गए केस रद करने की मांग रखी।
किसानों के मुताबिक एसपी से उन्हें संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला। इसके बाद किसान विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल के आवास पर पहुंचे। यहां किसानों ने सीएम मनोहरलाल खट्टर के नाम दो ज्ञापन सौंपे।
सीएम के नाम दिए दो ज्ञापन
सीएम के नाम दिए ज्ञापन में भाकियू ने एक ज्ञापन में सुढल के किसानों व महिलाओं पर दर्ज केस रद करने और दूसरे में गन्ने के भुगतान की मांग रखी। प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि गन्ने का पेराई सीजन शुरू होने से पहले सरकार व शुगर मिलों के बीच गन्ने के भुगतान को लेकर समझौता हुआ था।
इसके मुताबिक कुछ पैसा सरकार ने प्रति माह शुगर मिलों को देना था, किंतु नहीं दिया गया। शुगर मिल ने तो अपने हिस्से का भुगतान कर दिया, लेकिन जो हिस्सा सरकार द्वारा दिया जाना था, वह बकाया है, जो करीब 45 करोड़ रुपये बनता है। उन्होंने दस दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर गन्ने का भुगतान न हुआ तो भाकियू व किसान स्पीकर कंवरपाल की कोठी का ताला लगा देंगे।
दस दिन में गन्ने का भुगतान नहीं हुआ तो स्पीकर की कोठी पर जड़ देंगे ताला
सुढल में बिजली मीटर बाहर लगाने का विरोध करने वाले किसानों एवं महिलाओं पर मुकदमा दर्ज करने के बाद बुधवार को किसानों ने भाकियू के बैनर तले जगाधारी अनाज मंडी मेें महापंचायत की। यहां किसानों एवं महिलाओं ने दर्ज मुकदमे वापस लेने एवं दस दिन में गन्ने का भुगतान नहीं होने पर विधानसभा स्पीकर कंवरपाल की कोठी पर ताला जड़ने की चेतावनी दी। इससे बाद किसान स्पीकर की आवास पहुंचे। वहां उन्होंने सीएम मनोहर लाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
जगाधारी मंडी मेें भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार घमंड से भर चुकी है। बिजली मीटर घरों से बाहर लगाकर उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। अगर किसान शांतिपूर्वक सरकार के इस निर्णय का विरोध करते हैं तो उन पर केस दर्ज किए जाते हैं।
10 मई को सुढ़ल में इसी का विरोध करने पर महिलाओं से अभद्रता की गई। प्रजातंत्र में हर वर्ग को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन भाजपा के शासनकाल में इस अधिकार का दमन किया जा रहा है। किसानों एवं महिलाओं पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेने पर किसान किसी भी हद तक जा सकते हैं। महापंचायत में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे
महापंचायत में किसानों को समझाने के लिए जगाधरी एसडीएम प्रेमचंद तथा डीएसपी अजय राणा, सुभाष चंद एवं राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। भाकियू पदाधिकारियों ने उनके समक्ष किसानों एवं महिलाओं पर दर्ज केस रद करने की मांग की। अधिकारियों ने इस संदर्भ में एसपी से मिलने की बात कही। इस पर भाकियू का प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिला।
एसपी से संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो पहुंचे स्पीकर आवास
एसपी से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी, जिला अध्यक्ष संजु गुंदयाना, प्रदेश सचिव हरपाल सिंह, कर्म सिंह मथाना, सत्यवान नरवाल व गुरमुख सिंह छछरौली ने एसपी सुमेर प्रताप सिंह से उक्त मामले में दर्ज किए गए केस रद करने की मांग रखी।
किसानों के मुताबिक एसपी से उन्हें संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला। इसके बाद किसान विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल के आवास पर पहुंचे। यहां किसानों ने सीएम मनोहरलाल खट्टर के नाम दो ज्ञापन सौंपे।
सीएम के नाम दिए दो ज्ञापन
सीएम के नाम दिए ज्ञापन में भाकियू ने एक ज्ञापन में सुढल के किसानों व महिलाओं पर दर्ज केस रद करने और दूसरे में गन्ने के भुगतान की मांग रखी। प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि गन्ने का पेराई सीजन शुरू होने से पहले सरकार व शुगर मिलों के बीच गन्ने के भुगतान को लेकर समझौता हुआ था।
इसके मुताबिक कुछ पैसा सरकार ने प्रति माह शुगर मिलों को देना था, किंतु नहीं दिया गया। शुगर मिल ने तो अपने हिस्से का भुगतान कर दिया, लेकिन जो हिस्सा सरकार द्वारा दिया जाना था, वह बकाया है, जो करीब 45 करोड़ रुपये बनता है। उन्होंने दस दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर गन्ने का भुगतान न हुआ तो भाकियू व किसान स्पीकर कंवरपाल की कोठी का ताला लगा देंगे।