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शुगर फ्री, मिठास भी खूब, रामप्रताप ने ईजाद किया ऐसा तरबूज

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नई तकनीक के तरबूजों की किस्म दिखाता किसान रामप्रताप। - फोटो : Panipat
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पानीपत। जिले के गांव सिवाह का एक किसान देश भर के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनता जा रहा है। किसान रामप्रताप ने तरबूजों की एक ऐसी तकनीकी ईजाद कर ली है जो आम तरबूजों से 13 प्रतिशत ज्यादा मीठी है और बिल्कुल शुगर फ्री है। इनके तरबूज बीज रहित और दानेदार हैं। देखने में अलग अलग रंगों के इन तरबूजों में न्यूट्रीशियन की मात्रा भी आम तरबूजों से काफी ज्यादा है। इसकी बदौलत रामप्रताप राष्ट्रपति, सीएम, कृषि मंत्री समेत कई एजेंसियों से सम्मानित हो चुके हैं। अपनी नई तकनीक के तरबूजों से वह एक सीजन में लाखों रुपये की कमाई भी करते हैं।
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रामप्रताप पहले विदेश तकनीक से केवल एक ही प्रकार के तरबूज उगाते थे लेकिन अब उनके खेत में अलग अलग प्रकार के सात तरबूज हैं। इनके रंग भी अलग अलग हैं। ये सभी बीजरहित और शुगर फ्री हैं, इनमें मिठास के साथ पानी की मात्रा भी ज्यादा है।
रामप्रताप ने बताया कि उनके खेत में तरबूज की सात किस्म हैं। तीन किस्म ताइवान की हैं तो चार किस्म थाईलैंड की है। इनमें से वे तीन किस्म का नाम तक रख चुके हैं लेकिन थाईलैंड की तरबूज वाली किस्त अभी उनके अंडर ट्रायल है जो अगले साल तक पूरी होगी। उन्होंने बताया कि उनके तरबूज आम तरबूजों से 80 प्रतिशत ज्यादा बेहतर हैं। आम तरबूज के बीज का रेट करीब 20 हजार रुपये किलो होता है जबकि उनके तरबूजों के बीज का रेट 85 हजार रुपये किलो है। उन्होंने विदेश तरबूज के बीजों के साथ देेशी तरबूजों की बीज की वैज्ञानिक तरीके से मेटिंग कराकर तरबूजों की नई प्रणाली ईजाद की है। जिससे ये तरबूज ज्यादा मीठे होने के साथ शुगर फ्री तक बने हैं।
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इसके चलते इनका रेट आम तरबूजों के रेट से ज्यादा है। आम तरबूज का मार्केट रेट 10 रुपये किलो है तो उनकी वैरायटी 30, 40 और 50 रुपये किलो से शुरू होती है। उनके तरबूजों की मिठास की मात्रा यानी टीएसएस बाकी तरबूजों से ज्यादा है। इनके वैज्ञानिक परीक्षण तक हो चुके हैं।
प्राकृतिक आपदा न हो तो सोने पर सुहागा
किसान रामप्रताप बताते हैं कि अगर कोई प्राकृतिक आपदा न हो तो वे एक एकड़ में एक सीजन में करीब चार लाख रुपये के तरबूज उगाने का दम रखते हैं। अबकी बार उन्होंने करीब 8 एकड़ में ये खेती लगाई है। तरबूजों के अलावा उनके पास अलग अलग किस्म की 18 सब्जियां भी हैं। उनके पास दिल्ली, गुरुग्राम, पंजाब और हरियाणा के तकरीबन सभी जिलों से ग्राहक सब्जी और तरबूज लेने आते हैं। वे अपनी मार्केट खेत से करते हैं।
किसानों से अपील-
किसान रामप्रताप को कई बार विदेश एजेंसियों और कृषि विशेषज्ञों की ओर से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने दूसरे किसानों से खेती में नई तकनीक अपनाने की अपील की है। उनका कहना है कि हर साल हर सीजन पर हर बार चल रही भेड़ चाल से हटकर किसानों को चलना चाहिए। नई तकनीक से खेती करनी चाहिए, ताकि उन्हें ज्यादा मुनाफा हो सके।
वर्जन-
अच्छी पहल, दूसरे किसान लें प्रेरणा- बागवानी अधिकारी
किसान रामप्रताप ने नई तकनीक से खेती की अच्छी पहल की है। शुगर फ्री तरबूज तकनीक से उगाया जा सकता है। इससे किसानों को आर्थिक लाभ भी होगा और लोगों को गुणकारी फल-सब्जियां भी मिलेंगी। जिले के दूसरे किसानों को भी रामप्रताप से प्रेरणा लेनी चाहिए।
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अजय कुमार, जिला बागवानी अधिकारी।
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