पानीपत। हरियाणा उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने पीजी में प्रवेश के लिए पोर्टल फिर से खोल दिया है। इस पर अब तक दाखिले से वंचित रहे विद्यार्थियों ने खुशी जताई है। निदेशालय ने इस संबंध में ऑफिशियल वेबसाइट पर नोटिस जारी किया है। इसके अनुसार, विद्यार्थी 17 जनवरी तक प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
निदेशालय ने यह फैसला विद्यार्थियों और कुछ कॉलेजों की मांग पर लिया। अब खाली सीटों पर विद्यार्थी कॉलेज में सीधे जाकर फिजिकल काउंसलिंग के जरिए दाखिला ले सकते हैं। इसके तहत वे विभिन्न कॉलेजों में बढ़ाए गए समय तक ऑन द स्पॉट एडमिशन ले सकेंगे। प्रवेश से वंचित विद्यार्थी कॉलेज जाकर भी पूरी जानकारी कर सकते हैं।
ईपीआर पोर्टल पर मौजूद है खाली सीटों की जानकारी
उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने पोर्टल खोलकर न केवल दाखिले से वंचित रहे विद्यार्थियों को राहत दी है बल्कि कॉलेजों को भी अब तक रिक्त रही सीटें भरने का मौका मिलेगा। खाली सीटों की जानकारी कॉलेज के ईआरपी पोर्टल पर मौजूद है। ईआरपी पोर्टल पर ही विद्यार्थियों के रोल नंबर और प्रवेश से संबंधित जानकारी जारी की जाएगी। इसके बाद कॉलेज कोविड-19 दिशा-निर्देश के अनुसार ऑनलाइन कक्षाएं लगाएंगे। अन्य जानकारी के लिए संबंधित कॉलेज में जाकर संपर्क किया जा सकता है।
इच्छुक विद्यार्थी इस प्रकार करें आवेदन
कॉलेजों में पीजी दाखिले के लिए विद्यार्थी को उच्चतर शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर एडमिशन पोर्टल पर जाना होगा। पीजी एडमिशन पोर्टल पर जाने के बाद रजिस्ट्रेशन टैब पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। किस कॉलेज में कौन-सा कोर्स है, जानने के लिए हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। एडमिशन पोर्टल ओपन करें और मेन्यू बार पर टैब करते ही सर्च कॉलेज और कोर्स पर जाएं। इसके बाद यूजी या पीजी सिलेक्ट करके अपने जिले व अपने आसपास के कॉलेज कॉन्टेक्ट डिटेल्स आदि के साथ साथ कोर्स और सीट्स देख सकते हैं। किस कोर्स के लिए कितनी सीटें होती है या फिर इस डायरेक्ट लिंक पर जाकर भी विद्यार्थी देख सकते हैं कि हरियाणा के किस कॉलेज में कौन से कोर्स हैं ओर कितनी सीटें हैं।
- हरियाणा उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने पीजी एडमिशन के लिए पोर्टल दोबारा खोला गया है। इस संबंध में ऑफिशियल वेबसाइट पर नोटिस जारी किया है। निदेशालय ने यह फैसला विद्यार्थियों और कुछ कॉलेजों की मांग पर लिया गया है। इस निर्णय से दाखिले से वंचित रहे विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। - डॉ. जगदीश गुप्ता, प्राचार्य, आर्य महाविद्यालय, पानीपत।