पानीपत। जून के अंतिम सप्ताह में ब्लड बैंक शुरू हो सकता है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ब्लड बैंक के लिए मुख्यालय से स्टाफ नहीं मिला है। अब स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने सिविल सर्जन को अस्पताल के ही स्टाफ को ट्रेनिंग कराने के निर्देश दिए हैं। जून के प्रथम माह में स्टाफ को पंचकूला ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। जून के अंतिम सप्ताह में सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक शुरू हो सकता है।
अस्पताल के स्टाफ को ब्लड बैंक चलाने, रक्त एकत्रित करने और रक्त का इस्तेमाल करने संबंधित जानकारी दी जाएगी। ब्लड बैंक सीएम की घोषणा है कि इसलिए अब विभाग इसको जल्द से जल्द शुरू करना चाहता है। डॉ. प्रीति भाटिया को ब्लड बैंक का इंचार्ज बनाया गया है। वहीं दूसरी ओर पीएमओ ने स्टाफ की नियुक्ति का दोबारा रिमाइंडर भेजा है।
सरकारी ब्लड बैंक शुरू न होने से लोगों को निजी ब्लड बैंक से ही रक्त खरीदना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवतियों को होती है। परिजनों को आनन फानन में निजी ब्लड बैंक से मनमाने रेट पर रक्त खरीदना पड़ता है। पीएमओ डॉ. संजीव ग्रोवर ने बताया कि उन्होंने अस्पताल के प्रथम तल पर ब्लड बैंक के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करवा दिया है। तीन बार स्टाफ की डिमांड भेजी जा चुकी है। रक्त के लिए दो फ्रीजर भी उनके पास है लेकिन पैथोलोजिस्ट नहीं है। अब अस्पताल के स्टाफ को ब्लड बैंक चलाने की ट्रेनिंग दिलाई जाएगी।
लैब को अब चलाने में होगी परेशानी-
सिविल अस्पताल में फिलहाल दो माइक्रोबायोलॉजिस्ट हैं। डॉ. श्यामलाल को एमएस बनाया जा चुका है। वो प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं। डॉ. प्रीति लैब इंचार्ज हैं। उनके पास रूटीन की ब्लड जांच, कोरोना जांच व हैपेटाइटिस बी- सी की टेस्टिंग का काम भी है। लैब में मात्र चार लैब टेक्निशियन हैं। अगर इनकी ड्यूटी ब्लड बैंक में लगती है तो लैब को चलाने में काफी परेशानी आ सकती है।
इतनी चाहिए मैन पावर-
पैथोलॉजिस्ट, प्रोसेसिंग टेक्निशियन, सुपरवाइजर प्रोसेसिंग टेक्निशियन, लैब अटेंडेंट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, काउंसलर, सोशल वर्कर, स्वीपर्स इत्यादि।
स्टाफ को दिलाएंगे ट्रेनिंग- पीएमओ
स्टाफ की डिमांड का रिमाइंडर भेजा है। अब ब्लड बैंक शुरू करने के लिए अस्पताल के स्टाफ को ही पंचकूला में ट्रेनिंग दिलाई जाएगी।
- डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ सिविल अस्पताल