पानीपत। मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना के 1470 आवेदन पिछले 15 दिन से नगर निगम में ही अटके पड़े हैं। इन आवेदनों का अब तक निगम के कर्मचारियों ने सत्यापन तक नहीं किया है। निगम कर्मचारी इनको सत्यापित करने से बचने के लिए जिम्मेदारी एक दूसरे पर डाल रहे हैं, जबकि प्रदेश सरकार की ओर से इसमें लेटलतीफी न करने की हिदायत दी गई है। इसके बाद भी कर्मचारी इनको सत्यापित करने से पीछे हट रहे हैं। आवेदनों के सत्यापन करने में हो रही यह देरी आवेदनकर्ताओं पर भारी पड़ रही है। उन्हें योजना लाभ लेने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
गरीब परिवारों की आय बढ़ाने के लिए सरकार के निर्देशों पर जिले भर में कई दिनों तक मुख्यमंत्री परिवार उत्थान मेले तक लगाए जाते रहे हैं। इनमें उपायुक्त से लेकर अतिरिक्त उपायुक्त समेत समस्त जिला प्रशासनिक अधिकारी तक मौजूद रह चुके हैं। इनमें आने वाले लाभार्थियों को तुरंत प्रभाव से योजना के अनुरूप लाभ देने का प्रावधान किया गया था, ताकि वे अपना रोजगार चला सकें और अपनी आय बढ़ा सकें, लेकिन यहां निगम ने अब तक योजना के अंतर्गत आए आवेदनों को सत्यापित तक नहीं किया है। इनके सत्यापित होने के बाद ही आवेदनकर्ताओं को योजना का लाभ मिल सकता है।
अब तक पोर्टल पर आ चुके 1470 आवेदन
निगम के पोर्टल पर अब तक 1470 आवेदन आ चुके हैं। निगम कर्मचारियों के इन आवेदनों को सत्यापित करना है कि ये आवेदन असल लाभार्थियों के हैं या नहीं। इनके दस्तावेज चेक करने हैं। आवेदन के अनुसार इनको योजना का लाभ तक दिलवाना है। यह काम नगर निगम की सिटी मिशन मैनेजमेंट यूनिट की नेशनल अर्बन लाइवलीहुड मिशन की शाखा को दिया गया है। इसके तहत आवेदनकर्ता का साक्षात्कार एवं सत्यापन होता है।
इन योजनाओं का लाभ दिलवा सकता है निगम
नगर निगम की राष्ट्रीय आजीविका योजना के अंतर्गत निगम स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना के तहत जरूरतमंदों को लोन दिलवाने का काम करेगा। इसके अंतर्गत स्वरोजगार के लिए दो लाख रुपये तक का लोन मिलेगा। इसके अलावा 10 महिलाओं के सेल्फ हेल्फ ग्रुप के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन और ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण कार्यक्रम और सर्टिफिकेट तक दिए जाते हैं, जिससे लोग स्वरोजगार चला सकते हैं।
वर्जन-
निगम की शाखा में जो आवेदन आए हैं, उन पर शीघ्र काम करवाया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायतें जारी की जाएंगी। लेटलतीफी और काम न करने वालों पर की जाएगी सख्ती।
आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।