समालखा। समालखा में ग्रामीणों को समझाते हुए अधिकारी
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समालखा। बिजली के अघोषित कटों व दो दिन में आधा घंटा बिजली आने से परेशान गांव मच्छरौली के ग्रामीणों ने सोमवार रात करीब 10 बजे पावर हाउस पहुंचकर सभी फीडरों की सप्लाई बंद कर कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया और ताला जड़ दिया। कर्मचारियों की सूचना पर एसडीओ भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने बिजली निगम व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मंगलवार सुबह पहुंचे एसडीएम अश्वनी मलिक, कार्यकारी अभियंता रणबीर देशवाल, एसडीओ मुकेश दुरेजा, जेई राय सिंह व संदीप ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान डीएसपी प्रदीप कुमार एसएचओ नरेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे। पिछले कई दिनों से लगातार अघोषित कटों को झेल रहे गांव मच्छरौली के ग्रामीणों के सब्र का बांध सोमवार रात टूट गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दो दिन में मुश्किल से आधा घंटा बिजली आई इसलिए उन्हें पावर हाउस पर ताला जड़ना पड़ा। ग्रामीणों ने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाते हुए अपना गुस्सा निकाला। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उन्हें 24 घंटे बिजली नहीं दी जाएगी वो यहां से नहीं जाएंगे।
दिनभर लगने वाले कटों ने उन्हें परेशान कर दिया है। घरेलू कार्य प्रभावित हो रहे हैं। दिन में तो गर्मी के बीच वो गुजारा कर लेते हैं लेकिन रात को गर्मी, मच्छरों से जीना मुहाल हो जाता है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने पावर हाउस के कर्मचारी बदलने, शिकायत रजिस्टर व लैंडलाइन फोन लगवाने की भी मांग की।
दूसरी ओर कार्यकारी अभियंता रणबीर देशवाल ने कहा कि मच्छरौली गांव को जगमग योजना के तहत लाकर 24 घंटे बिजली दी जाएगी लेकिन उसमें भी शेडयूल के अनुसार कट लगेंगे। जिस ग्रामीणों ने मानने से मना कर दिया। इसके बाद एसडीएम अश्वनी मलिक व डीएसपी प्रदीप कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को इस बारे में समझाया। बाद में जगमग योजना के तहत सप्लाई मिलने तथा इंडस्ट्री की लाइट पर दो-दो घंटे कट लगाकर गांव मचछरौली को सप्लाई देने के आश्वासन के ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन समाप्त किया और ताला खोल दिया।