जय भारत ड्रामेटिक क्लब की ओर से तहसील कैंप आयोजित रामलीला में मंगलवार को सीता हरण का मंचन किया गया। इसके बाद राम और लक्ष्मण माता सीता की तलाश में निकल पड़े। रामलीला का भावपूर्ण मंचन देखकर दर्शक भाव-विभोर हो गए।
मंचन के पहले दृश्य में दिखाया गया कि राम, सीता और लक्ष्मण पंचवटी में कुटिया बनाकर रह रहे हैं। वनवास के करीब 13 वर्ष बीत चुके हैं। इसी बीच वहां शूर्पणखा आती और राम एवं लक्ष्मण के सामने विवाह का प्रस्ताव रखती है। राम बताते हैं कि वह तो विवाहित हैं। धर्मपत्नी सीता उनके साथ हैं। तब शूर्पणखा लक्ष्मण के सामने विवाह का प्रस्ताव रखती है। लक्ष्मण भी विवाह से इनकार कर देते हैं। इस पर शूर्पणखा माता सीता की ओर से झपटती है, तब लक्ष्मण तलवार से उसकी नाक काट देते हैं।
इसके बाद रोती हुई शूर्पणखा अपने भाई रावण के दरबार में पहुंच कर सारी बात बताती है। तब रावण साधु का भेष धरकर माता सीता का हरण कर लेता है। इस दौरान जटायु और रावण का युद्ध होता है। जटायु माता सीता को बचाने का प्रयास करते हैं, लेकिन युद्ध में वह घायल हो जाते हैं। बाद में घायल जटायु के पास सीता को खोजते हुए राम और लक्ष्मण पहुंचते हैं तब उन्हें रावण के कृत्य की जानकारी मिलती है। इसके बाद जटायु प्राण त्याग देते हैं। तब राम-लक्ष्मण उनका अंतिम संस्कार करते हैं।