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रेल रोको आंदोलन : महज दो घंटे में जन शताब्दी के 900 यात्री और शहीद एक्सप्रैस के 200 यात्री बस व कैब से चले गए

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Rail Roko Andolan: In just two hours, 900 passengers of Jan Shatabdi and 200 passengers of Shaheed Express left by bus and cab - फोटो : Panipat
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पानीपत। किसानों के रेल रोको आंदोलन के चलते पानीपत रेलवे स्टेशन पर सुबह 10 बजे दो एक्सप्रेस और एक पैसेंजर ट्रेन के पहिए थम गए। दिल्ली जाने वाली जन शताब्दी एक्सप्रेस, जय नगर से अमृतसर जाने वाली शहीद एक्सप्रेस और दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को स्टेशन पर रोक लिया गया था। इन तीनों ट्रेनों में लगभग 3 हजार से ज्यादा यात्री सवार थे। जो ट्रेन रुकने से परेशान हो गए और करीब दो घंटे इंतजार करने के बार वैकल्पिक साधनों से अपने गंतव्यों की ओर रवाना हुए।
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जन शताब्दी एक्सप्रेस के 900 यात्री सोनीपत और दिल्ली जाने वाले थे। वह छह घंटे इंतजार करने के बजाय पानीपत रेलवे स्टेशन पर ही उतर गए। रोडवेज बस के जरिए दिल्ली रवाना हो गए। जन शताब्दी ट्रेन के टिकट चैकर ने दोपहर 12 बजे की स्थिति बताई कि ट्रेन में 1100 यात्री सवार थे, लेकिन अब केवल 200 यात्री ही बचे हैं। वहीं शाम चार बजे तक महज 120 यात्री ही बचे थे। जयनगर बिहार से अमृतसर जाने वाली शहीद एक्सप्रेस में 1500 से ज्यादा यात्री सवार थे। दोपहर 12 बजे तक 200 से ज्यादा यात्री स्टेशन से बाहर कैब और बस की तलाश में आ गए। पैसेंजर ट्रेन के रुकने के एक घंटे बाद ही सभी यात्री उतरकर चले गए।
- रेलवे स्टेशन से डिपो के लिए चलाई गईं निशुल्क पिंक बसें
स्टेशन पर तीन ट्रेन रुकने पर यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए रोडवेज की ओर से पिंक बसों का संचालन किया गया। सुबह 11:30 बजे तक नौ चक्कर लगाए जा चुके थे। पानीपत डिपो महा प्रबंधक विकास नरवाल के निर्देश पर बसों का संचालन किया गया। शाम तीन बजे तक पिंक बस 30 से अधिक चक्कर लगाए गए। करीब 400 यात्रियों को बस डिपो पर उतारा गया।
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- दिल्ली के लिए चलाई गईं दो स्पेशल बसें
दिल्ली के लिए सवारियां बढ़ने पर पानीपत रोडवेज से दो स्पेशल बसें चलाई गईं। रेलवे स्टेशन से डिपो आए यात्रियों को दिल्ली पहुंचाया गया।
- यात्री रहे परेशान
काम की तलाश में अमृतसर जा रहे थे
शहीद एक्सप्रेस में सवार यात्री सुनील, संजय और जयकिशन ने बताया कि वह मजदूर हैं और काम की तलाश में अमृतसर जा रहे थे। समय पर पहुंच जाते तो सोमवार को काम का उनका पहला दिन होता।
- दरभंगा से अमृतसर जा रहे थे
दरभंगा से अमृतसर जाने वाले परिवार ने बताया कि रिश्तेदार की तबीयत खराब है। पहली बार अमृतसर जा रहे थे। यात्री बबलू ने कहा कि उन्हें इस परेशानी का पता होता तो परिवार को लेकर नहीं आते। उनके साथ पत्नी और दो बेटियां थीं। ।

Rail Roko Andolan: In just two hours, 900 passengers of Jan Shatabdi and 200 passengers of Shaheed Express left by bus and cab- फोटो : Panipat

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