पानीपत। विदेश में रहकर भी गणतंत्र दिवस पर नीरज चोपड़ा ने सोशल मीड़िया पर शेयर की तिरंगा के साथ फो?
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पानीपत। नई कोरोना गाइडलाइन के कारण विद्यार्थी पुरंजय गांधी गणतंत्र दिवस पर सम्मानित होने से वंचित रह गए। शिक्षा मंत्रालय एवं सीबीएसई की ओर से आयोजित वीर गाथा प्रोजेक्ट में पहला स्थान प्राप्त किया था। इस काम के लिए पुरंजय को रक्षा मंत्री सम्मानित करने वाले थे लेकिन ऐसा हो न सका।
पुरंजय के पिता ने बताया कि दिल्ली में कोरोनो की नई गाइडलाइन को लेकर 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे शामिल नहीं हो सकते थे। उनके फोन पर मैसेज आया है कि पुरंजय को बाद में सम्मानित किया जाएगा। पुरंजय ने कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर कविता लिखकर यह जीत हासिल की थी। आठ लाख प्रतिभागियों में पहला स्थान पाने पर पुरंजय को दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित होना था।
एक ही दिन नीरज के नाम तीन पुरस्कार
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा को एक ही दिन में तीन पुरस्कार मिले। भारतीय सेना में 4 राजपूताना राइफल्स के सूबेदार नीरज चोपड़ा को परम विशिष्ट सेवा मेडल, पद्मश्री अवार्ड दिया गया। वहीं तीसरा पुरस्कार पानीपत में गणतंत्र दिवस पर मिला। नीरज चोपड़ा देश के बाहर हैं, इसलिए उनका पुरस्कार उनके चाचा भीम चोपड़ा ने लिया। दिल्ली राजपथ पर हरियाणा की झांकी में भी नीरज का विशेष आदमकद नजर आया।
लोगों को एक बार भी मौका नहीं, मुझे दो बार मौका मिला- गंगा
हवाई यात्रा को बढ़ावा देने वाले प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘सब उड़े सब जुड़े’ झांकी का नेतृत्व करने वाले गंगा गौतम काफी खुश है। गंगा का कहना है कि लगातार दूसरी बार राजपथ की झांकी में शामिल होने से वह काफी खुश है। उनका कहना है कि लोगों को एक बार राजपथ झांकी में शामिल होने का मौका नहीं मिलता है, उन्हें लगातार दूसरी बार झांकी का नेतृत्व करने का मौका मिला है। गंगा ने पिछली बार आजाद हिंद फौज परेड का नेतृत्व किया था। गंगा का कहना है कि स्कूल में पढ़ने के दौरान ही एनएसएस और एनसीसी में भाग लेना शुरू कर दिया था।
पानीपत। गंगा गौतम व उनको सब उड़े सब जुड़े की टीम।- फोटो : Panipat