पानीपत। नगर निगम में अब जनस्वास्थ्य विभाग का विलय हो चुका है। शुक्रवार को विभाग के कार्यकारी अभियंता, एसडीओ, जेई व अन्य अधिकारियों कर्मचारियों ने निगम दफ्तर को ज्वॉइन कर लिया है। इस विलय से नगर निगम के नियंत्रण में विभाग के 588 नलकूप आ गए हैं। इनके साथ विभाग अधिकारी निगम के अधीन रहकर पानी की व्यवस्था पर काम करेंगे। माना जाता है कि इससे शहर के करीब छह लाख लोगों को फायदा होगा।
जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने अपनी निगम में ज्वॉइनिंग के पहले दिन वरिष्ठ उपमहापौर दुष्यंत भट्ट के साथ बैठक की। इसमें भट्ट ने अधिकारियों ने शहर में पीने के पानी की व्यवस्था और समस्याओं के निराकरण पर बातचीत की। भट्ट ने कहा कि पानी के ट्यूबवेलों को सुचारु रूप से चलाने में जो अधिकारी विशेष सहयोग देंगे, उन्हें महत्वपूर्ण अवसरों सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन सभी नलकूपों के पानी में व्याप्त मात्रा में क्लोरीन मिलाई जाएगी। इसके अलावा जहां पर नालों के माध्यम से पानी सीवर में डाला जाता है वहां पर खास किस्म की जाली लगाई जाएगी। इसके अलावा सभी उद्योगों डेरियों को एनजीटी प्राधिकरण के नियमों का पालन करने के कड़े निर्देश दिए जाएंगे।
शहर में 148 हैं अपना पार्क
उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में इस समय अपना पार्क नाम से 148 पार्क हैं। इनको स्वच्छता और सुंदरता को बढ़ाने के सभी प्रयास किए जाएंगे। बेसहारा पशुओं को सड़कों पर नहीं घूमने दिया जाएगा। वरिष्ठ उपमहापौर दुष्यंत भट्ट ने अधिकारियों को शहर के पीने के पानी की और पानी निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक खाका तैयार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस शहर को शुद्ध पीने का पानी और पानी निकासी की समस्या का जड़ से समाप्त होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर के सीवर सिस्टम को आधुनिक तरीके से चलाने के लिए नई तकनीक अमल में लाई जाएगी। इस योजना को धरातल पर लाने के लिए शहरी क्षेत्र के जन स्वास्थ्य विभाग का विलय नगर निगम में कर दिया गया है। अब इस विभाग की निगम को पूरी जवाबदेही तय हो गई है।