पानीपत। शहरवासियों के लिए एक खुशखबरी है। अब उनको अपनी प्रॉपर्टी आईडी या टैक्स में सुधार के लिए बार-बार नगर निगम कार्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे। प्रॉपर्टी टैक्स के डेटा में सुधार या संशोधन के लिए निगम की ओर से मेगा कैंप लगाया जा रहा है। यह कैंप नौ मई से लेकर 24 मई तक चलेगा। इसमें निगम कार्यालय जाकर या घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है, जिसका समाधान निगम महज पांच दिन में करेगा।
इसके लिए शहरवासियों को दो माध्यमों से अपनी प्रॉपर्टी आईडी या टैक्स में संशोधन के लिए आवेदन करना होगा। पहला इसके लिए पीएमएस हरियाणा पोर्टल पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करवाई जा सकती है। दूसरा निगम कार्यालय में आकर प्रॉपर्टी संबंधित दस्तावेज ऑफलाइन जमा करवाए जा सकते हैं। इसके लिए नगर निगम कार्यालय में सर्वे एजेंसी याशी की ओर से चार कांउटर लगाए जाएंगे। इन कांउटरों पर सभी संबंधित दस्तावेजों को जमा कर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
विशेष बात यह है कि प्रॉपर्टी के संशोधन की जानकारी मोबाइल पर मैसेज से दी जाएगी। इसके लिए बार-बार निगम कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वहीं, अगर आपको अपने नाम या प्रॉपर्टी के एरिया में कोई संशोधन नहीं करवाना है तो इसके लिए रजिस्टरी की आवश्यकता नहीं होगी।
याशी कन्सल्टिंग सर्विसेज एजेंसी के पदाधिकारियों का कहना है कि सर्वे के दौरान किसी प्रकार की शिकायत के समाधान के लिए निगम में एक कमेटी बनाई जाएगी। लोग कमेटी के सामने अपनी शिकायत रखकर उसका समाधान करवा सकते हैं। वहीं, सर्वे कंपनी के पदाधिकारियों से बात करने के लिए एजेंसी की ओर से एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। शहर के लोग एजेंसी के 79768-28169 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
बता दें कि इससे पहले भी नगर निगम ने याशी एजेंसी के माध्यम से वार्डवार कैंप लगाया था। इनमें शहरवासियों से उनकी प्रॉपर्टी आईडी और टैक्स में संशोधन के लिए आपत्ति मांगी थी। लेकिन इनके जरिए सभी का समाधान नहीं हो पाया। अब भी निगम कार्यालय में लोग आपत्ति दर्ज करवाने और उनके समाधान के लिए भटकते रहते हैं।
तीन महीने का रखा टारगेट
निगम आयुक्त आरके सिंह का कहना है कि शहर की प्रॉपर्टी को पुराना सर्वे करने वाली एजेंसी का डेटा सही नहीं था। इस वजह से नई एजेंसी के डेटा से वह इंटीग्रेटेड नहीं हो पा रहा था। इससे शहरवासी परेशान थे। अब इनका समाधान करवाया जाएगा। तीन महीने तक शहर की प्रॉपर्टी संबंधित सभी प्रकार की समस्याओं का निदान करवाया जाएगा। अगर किसी भी संपत्ति के डेटा में कोई त्रुटि है तो शहरवासियों को भी इनमें संशोधन करवाने के लिए आगे आना चाहिए।