बापौली। यमुना में जलस्तर अचानक बढ़ गया है। ऐसे में यमुना खादर में गन्ने की खेती करने वाले किसानों की परेशानी बढ़ गई है। उनको खेतों से शुगर मिल में गन्ना लाने के लिए अपनी जान तक जोखिम में डालनी पड़ रही है । किसान एक ट्राली गन्ने की लाने के लिए चार से पांच ट्रैक्टरों का सहारा ले रहे हैं। वह इन ट्रैक्टरों को एक-दूसरे के साथ टोचन कर यमुना से निकाल पाते हैं ।
गौरतलब है कि यमुना में इन दिनों जलस्तर कम हो जाता है। ऐसे में किसान अपने गन्ने की फसल को आसानी से ले आते थे। शनिवार से यमुना का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में किसानों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसान अनूज, साहब सिंह रावल, जसबीर और पहल सिंह रावल ने बताया कि यमुना का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। उनके खेतों में गन्ने की फसल कटाई का काम चल रहा है। उनको ट्रैक्टर-ट्रॉली में गन्ने की फसल लाना मुश्किल हो जाता है। एक ट्राली निकालने के लिए चार से पांच ट्रैक्टरों का सहारा लेना पड़ता है। एक ट्राली को यमुना से बाहर निकाल कर शुगर मिल में पहुंचा पाते हैं। ऐसे में कई बार हादसा होने का भी अंदेशा बना रहता है। किसानों की सरकार से मांग है कि यमुना में गन्ने की कटाई के समय पानी कम छोड़ा जाए। ताकि किसान अपनी गन्ने की फसल को आसानी से शुगर मिल तक ले जा सकें। किसानों का कहना है कि यमुना के खादर क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ में गन्ने की फसल खड़ी है।