पानीपत। संत निरंकारी मिशन की ओर से संत निरंकारी सत्संग भवन पानीपत में रविवार को सत्संग का आयोजन किया गया। इस दौरान सतगुरु को मुक्ति का दाता बताया गया।
यह सत्संग सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज और निरंकारी राजपिता के आशीर्वाद से किया गया। सत्संग की शुरूआत में पानीपत के पूर्व संयोजक अरविंद डावर ने जोगिंदर सुखीजा का स्वागत किया।
संत निरंकारी मिशन के सचिव जोगिंदर सुखीजा ने कहा सतगुरु मुक्ति का दाता होता है। ब्रह्मज्ञान प्राप्त करने के बाद व्यक्ति गुरु सिख से जहां मोक्ष को प्राप्त करता है। वहीं सुख दुख से ऊपर उठकर शुकराने में ही जीवन व्यतीत करता है। तन मन धन इस निरंकार का ही दिया हुआ है और इसका अभिमान बिल्कुल नहीं करना चाहिए। सभी में परमात्मा का रूप देखते हुए सभी से प्रेम भाव रखना है।
उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन कोई धर्म या संप्रदाय नहीं है। यह एक बड़ी आध्यात्मिक विचारधारा है। उन्होंने कहा कि लोगों को सर्वव्यापी, सर्वशक्तिमान परमपिता परमात्मा को मानना चाहिए। साथ ही गुरु के बताए रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन द्वारा सत्संग प्रवचन व भजन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाता है। सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज पूरे विश्व में एक ब्रह्मज्ञान द्वारा मानवता, भाईचारा, के साथ एकत्व का संदेश दे रही हैं। जिससे प्यार, नम्रता, सहनशीलता को बढ़ावा देकर मानव परिवार सुंदर व खुशहाल जीवन जी सकें। इसके लिए संत निरंकारी मिशन सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि पूर्व सद्गुरु निरंकारी बाबा हरदेव सिंह महाराज कहते थे कि जाति-पाति का भेदभाव को भूलकर सभी मानव को एक समान एक भाव से देखो। तभी मानव का कल्याण संभव हो पाएगा। इस मौके पर सेवादल के उपमुख्य संचालक एचएस गुलेरिया सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।