पानीपत के सिविल अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ मरीजों के इलाज मांगने पर निरीक्षण बीच में ही छोड़कर चलते बने। आधे घंटे के निरीक्षण में सफाई और सुविधाओं के नाम पर जमकर हड़काया और पैसों की कोई कमी न होने की बात कही।
जब बात मरीजों के इलाज की आई तो डॉक्टरों की कमी की बात कह कर असमर्थता जता दी। मरीज सीएमओ और डॉक्टरों के इंतजार में दिनभर इधर-उधर भटकते रहे। सीएमओ डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़ वीरवार सुबह सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने पहुंचे। वे अपने अन्य सहयोगी अधिकारियों के साथ पहले ओपीडी और फिर इमरजेंसी में पहुंचे।
यहां पर साफ-सफाई नहीं होने पर असंतोष व्यक्त किया और फिर इमरजेंसी के कमरों में मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं को जांचा। वे यहां पर गंदे कंबल और अन्य सुविधाएं न मिलने पर खफा हो गए और नर्सिंग स्टाफ को जमकर हड़काया। उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को यहां तक कह दिया कि इन कंबलों में आप सो सकते हैं। ऐसा नहीं हो सकता तो मरीजों को क्यों गंदे कंबल दिए जा रहे हैं।
अस्पताल में नए कंबल हैं। उन कंबलों को निकलवाकर मरीजों को दें। उन्होंने साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई और संबंधित कंपनी की सुपरवाइजर को व्यवस्था बनाने की हिदायत दी।
मरीजों ने घेरा तो बच निकले
सुबह से डॉक्टरों को लेकर भटक रहे मरीज सीएमओ इंद्रजीत सिंह धनखड़ के पास एमरजेंसी में ही पहुंच गए। डाहर निवासी बुजुर्ग चंदगी ने कहा कि वह सुबह नौ बजे सिविल अस्पताल में आया था और पर्ची बनवा ली थी।
वह सुबह से डॉक्टर का इंतजार कर रहा है। लेकिन कोई भी डॉक्टर नहीं मिला। एक अन्य युवक अपनी आंखों की जांच कराने आया हुआ था। उसने कहा कि वह भी काफी समय से डॉक्टर का इंतजार कर रहा है। इस पर सीएमओ झेंप गए और अस्पताल में डॉक्टर न होने का दो शब्दों का जवाब देकर मरीजों को चुप करने का प्रयास किया।
मरीजों का गुस्सा स्टोरकीपर पर
सीएमओ डॉ. इंद्रजीत धनखड़ इमरजेंसी से सीधे एमएस के कार्यालय के सामने से होते हुए सीधे स्टोर रूम में पहुंचे। यहां का ताला लगा मिला। सीएमओ ने पहले स्टोर का ताला खुलवाया और फिर स्टोर कीपर को बुलाया।
उन्होंने स्टोर में रखे सामान के बारे में बताने को कहा। लेकिन स्टोर कीपर ज्यादा नहीं बता सका। उन्होंने उक्त स्टोर कीपर को डेपुटेशन पर दूसरी जगह भेजने की चेतावनी दी और कार्यकारी एमएस को उक्त स्टोर कीपर को रिलीव करने के आदेश दे दिए।
कुछ इस तरह से निकले सीएमओ
सिविल अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में मरीज सीएमओ के वापस आने का इंतजार कर रहे थे। सीएमओ को भी लेबर रूम का निरीक्षण करने को ऊपरी तल पर यहीं से जाना था।
मरीजों को सामने देख सीएमओ लेबर रूम का निरीक्षण करने नहीं गए और अस्पताल के पिछले हिस्से से निकलकर अपने कार्यालय में चले गए। यहां पर एक कर्मी ने काम को लेकर सुविधा यंत्र की मांग की तो उसको भी हड़का दिया और अपने स्तर पर इसका प्रबंध करने की बात कही।
सुबह के समय ये रहा हाल
वीरवार सुबह मरीजों को ओपीडी और इमरजेंसी में डॉक्टर नहीं मिला। वे पर्ची बनाकर कई घंटे तक डॉक्टरों के रूम के चक्कर काटते रहे। वीरवार को इमरजेंसी में तैनात डाक्टर मोना और ओपीडी में तैनात डॉ. सौरभ, डॉ. राघवेंद्र, डॉ. योगेश और डॉ. प्रदीप कोर्ट में गए थे। इमरजेंसी में तैनात डॉ. मोना की जगह डॉ. प्रीति देखरेख कर रही थी। लेकिन वे इमरजेंसी की पर्ची ही काट रही थी।
वर्जन
यह उनका रुटीन का निरीक्षण था। इमरजेंसी में कुछ कमियां पाई थीं। उनको सुधार की चेतावनी दी है। अस्पताल में कुछ मरीज डॉक्टर नहीं होने के कारण मिले थे। वीरवार को कई डॉक्टर कोर्ट में गए थे। उनके वापस आने के बाद मरीजों को दवा दी गई। सिविल अस्पताल में पहले से ही डॉक्टराें की कमी चल रही है।
डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़, सीएमओ, पानीपत