सोनी बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर और स्माइल ट्रेन संस्था के सहयोग से होठ और तालू कटे 15 बच्चों के चेहरे पर हंसी लौट आई और दस अन्य बच्चों के जल्द ही ऑपरेशन किए जाने हैं। अस्पताल प्रबंधन ने इसको सरकार द्वारा उठाया गया बेहतर कदम बताया है। वहीं बच्चों के अभिभावकों ने भी खुशी जताई है।
सोनी बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर मॉडल टाउन के संचालक डॉ. संजय सोनी सात दिवसीय शिविर के समापन पर सोमवार को मीडिया से रूबरू हुए। डॉ. संजय सोनी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्माइल ट्रेन संस्था कटे होठ व तालू कटे बच्चों के इलाज के लिए काम कर रही है। संस्था प्रदेशभर में सेंटर स्थापित किए गए हैं।
इनमें से एक सोनी बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर भी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से जिले में पांच से 11 दिसंबर तक विशेष शिविर लगाया गया। जिसमें होठ व तालू कटे 15 बच्चों के ऑपरेशन किए गए। इसके अलावा 10 अन्य बच्चों के ऑपरेशन किए जाने हैं। डॉ. संजय सोनी ने बताया कि कटे होठ व कटे तालू की बीमारी जन्म से होती है। यह माता-पिता में से दोनों या किसी एक में इसका विकार होने या एक ही गोत्र में शादी होने वालों को होती है। सीएचसी काबड़ी के इंचार्ज एवं डेंटल सर्जन डॉ. ललित वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत ऐसे बच्चों की पहचान की जाती है और इनको सामान्य बच्चों की श्रेणी में लाने को स्माइल ट्रेन संस्था के साथ सहयोग किया जा रहा है।
अभिभावक बोले चिंता थी, लेकिन अब बच्चे सामान्य
कटे होठ व तालू वापस आने वाले बच्चों के अभिभावक अपने लाडलों के सामान्य मिलने पर बेहद खुश हैं। सोनीपत के गांव दीपालपुर निवासी मुकेश ने बताया कि उसके आठ वर्षीय लड़के देव का जन्म से ही होठ कटा हुआ था। उन्होंने कई अस्पतालों से उसका इलाज कराया, लेकिन वह सामान्य नहीं हो पाया।
दीपालपुर गांव की एक लड़की के लड़के का होठ कटा हुआ था। उसने इसकी जानकारी दी। उसने डॉक्टर से संपर्क किया। उसके बेटे देव का होठ अब सामान्य है। मुकेश ने बताया कि देव अपने तीन भाई बहनों में पढ़ाई में सबसे होशियार है। जींद के दड़ौली निवासी सरिता ने बताया कि उसके चार माह के बेटे नीतिश का जन्म से ही होठ कटा हुआ था। वह उसको लेकर काफी चिंतित थी।