बलिदानी हवलदार राम सिंह की धर्मपत्नी को सम्मानित करते संगठन के सदस्य। संगठन
बराना गांव के राजकीय विद्यालय में मनाया 56वां बलिदान दिवस, स्कूल का नाम उनके नाम पर रखने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। बराना गांव के राजकीय विद्यालय में वीरवार को भारत-पाक युद्ध में बलिदान देने वाले हवलदार राम सिंह का 56वां बलिदान दिवस मनाया गया। पूर्व सैनिक कल्याण संगठन पानीपत के सदस्यों, ग्रामीणों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। बलिदानी की पत्नी किशन देवी ने ज्योत प्रज्ज्वलित कर उन्हें नमन किया। संगठन के जिलाध्यक्ष राजवीर शर्मा ने गांव के राजकीय विद्यालय का नाम हवलदार राम सिंह के नाम पर रखने की मांग उठाई।
राजवीर शर्मा ने बताया कि हवलदार राम सिंह 13 दिसंबर 1956 को राजपूताना राइफल्स में भर्ती हुए थे। वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान 15 अक्तूबर की रात सियालकोट सीमा पर उनकी पोस्ट पर दुश्मन ने हमला कर दिया। मोर्टार के गोलों के बीच उन्होंने लाइट मशीन गन से जवाबी कार्रवाई करते हुए दुश्मन का मुकाबला किया।
इसी दौरान गोलियां लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उन्होंने मशीन गन नहीं छोड़ी और देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उनके बलिदान के बावजूद पोस्ट और तिरंगा सुरक्षित रहे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील, सरपंच सोनी लामरा, बलिदानी के बेटे सतपाल, एसएनसी सतबीर, कैप्टन जय भगवान, नायब सूबेदार जय भगवान, सत्यवान, चंदन सहित अन्य ग्रामीणों ने पुष्प अर्पित कर बलिदानी को श्रद्धांजलि दी।
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