पानीपत। बैठक लेते हुए उपायुक्त सुशील सारवान व साथ में मौजूद अन्य।
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पानीपत। अपने आशियाने पर मालिकाना हक नहीं होने की समस्या से किला क्षेत्र के बाशिंदों को जल्द निजात मिल सकती है। यहां बसे 500 परिवारों को मालिकाना हक दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। नगर निगम सदन की बैठक में प्रस्ताव पास कराकर सरकार को भेजकर अनुमति ली जाने की योजना है। मंजूरी मिलने पर लोग अपने मकानों की रजिस्ट्री करा सकेंगे। इस बात के भी संकेत हैं कि इनके लिए कलेक्टर रेट को भी 50 प्रतिशत कम रखा जा सकता है।
शुक्रवार को सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट किला क्षेत्र के लोगों का एक प्रतिनिधित्व मंडल मिला था। पहले भी इसकी मांग उठाई जाती रही है। 11 एकड़ में फैले किला क्षेत्र में कई मुख्य बाजार और कॉलोनियां बन चुकी हैं। यहां सिर्फ 256 परिवारों को ही मकान आवंटित हैं। इसके अलावा करीब 500 परिवार ऐसे हैं, जिनके पास संपत्ति है लेकिन मालिकाना दस्तावेज नहीं है। हालांकि ये परिवार नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स देने के साथ ही बिजली निगम को बिल भी अदा करते हैं। शुक्रवार को प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद सीनियर डिप्टी मेयर ने अधिकारियों को फाइल तैयार करने का निर्देश दिया हैं।
वर्ष 1996 में पालिका ने खाली करने का दिया था नोटिस
वर्ष 1996 में तत्कालीन नगर पालिका ने यहां रह रहे लोगों को मकान खाली करने का नोटिस दिया था। इसके बाद मामला एसडीएम कोर्ट पानीपत में गया लेकिन मकान खाली करने का आदेश बरकार रहा। लोगों ने उच्च न्यायालय में गुहार लगाई। जहां से उनके हक में फैसला आया लेकिन मकानों की रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
किले वासियों को दिलवाया जाएगा मालिकाना हक
किले वासियों को उनके मकान का मालिकाना हक दिलाया जाएगा। जिनके पास मालिकाना हक नहीं है, उन्हें निगम की ओर से चिह्नित किया जाएगा। सदन की बैठक में इस मुद्दे को पास कराने के लिए सरकार से अनुमति लेकर समस्या हल की जाएगी। - दुष्यंत भट्ट, वरिष्ठ उपमहापौर, पानीपत।