फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब 25 रुपये ज्यादा में हो रही गेहूं खरीद

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। जिले की सभी मंडियों में 90 प्रतिशत तक फसल की आवक हो चुकी है और 90 प्रतिशत किसानों की फसल खरीदी जा चुकी है। इतनी खरीद के बाद हैफेड ने एमएसपी से अधिक दर पर गेहूं की फसल खरीदना शुरू किया है। इससे किसान और आढ़तियों में रोष है।
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि जब हैफेड को एमएसपी से अधिक रेट पर खरीद करनी थी तो पहले ही कर लेते। कम पैदावार की भरपाई हो जाती। आढ़तियों का कहना है कि सरकारी एजेंसी किसानों के साथ मजाक कर रही है। जब समय होता तो कुछ किया नहीं जाता जबकि एजेंसी को जरूरत हुई तो एमएसपी से अधिक रेट पर भी खरीद कर रहे हैं।
पहले 2020, अब 2040 प्रति क्विंटल पर हो रही खरीद
हैफेड गोदाम के कर्मचारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को आदेश आने के बाद 2040 रुपये क्विंटल पर खरीद की जा रही है। इससे पहले 2020 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद की जा रही है। अन्य एजेंसियों ने 2015 रुपये प्रति क्विंटल पर ही खरीद की थी। हैफेड की 2040 रेट पर होने वाली खरीद कॉमर्शियल होगी। किसान अपनी फसल ज्यादा दाम में बेच पाएंगे।
विज्ञापन

तरावड़ी में फ्लोर मिल होने से किसानों को मिला लाभ
तरावड़ी में फ्लोर मिल है। इसमें गेहूं खरीद कर आटा बनाया जाता है और सउदी अरब, इटली, बांग्लादेश समेत अन्य देशों में आटा भेजा जाता है। इससे पानीपत के किसानों को भी फायदा मिलेगा। किसानों सुरेश,संजय,नरेंद्र का कहना है कि यदि हैफेड 10 दिन पहले भी इस दाम में खरीद करती तो उन्हें काफी लाभ होता। कम से कम कम पैदावार की कमी तो नहीं खलती।
आढ़ती प्रधान का कहना
सभी किसानों ने अपनी फसल बेच दी है। अनाज मंडी में अब आवक न के बराबर है। तीन से चार किसान ही अपनी फसल बेचने के लिए आ रहे हैं। जिससे किसानों को एमएसपी से ज्यादा रेट पर खरीद का कोई फायदा नहीं मिल रहा है। सरकार हर बार देरी से कोई अच्छा कदम उठाती है।
विज्ञापन

- धर्मबीर मलिक, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें