पानीपत। वन नेशन वन रजिस्ट्रेशन प्रोग्राम के तहत वर्ष 2023 तक जमीनों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। इसमें हर जमीन या खेत को एक पंजीकरण नंबर दिए जाने की तैयारी की जा रही है। यह नंबर 14 अंक का हो सकता है। इस यूनिक नंबर से कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन का पूरा रिकॉर्ड न केवल ऑनलाइन देख पाएगा बल्कि डाउनलोड भी कर पाएगा। इससे लोगों को अपनी जमीन के कागजात हासिल करने में आसानी होगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी कई योजनाओं में भी इस यूनिक नंबर का प्रयोग हो सकेगा।
केंद्र सरकार देश की पूरी जमीन का डाटा डिजिटल फार्मेट में एक ही जगह एकत्रित करने के लिए एक पोर्टल बनाएगी। इस डिजिटल पोर्टल पर ही सारा डाटा उपलब्ध होगा। कोई भी व्यक्ति इस पोर्टल पर अपनी जमीन का यूनिक पंजीकरण नंबर डालकर इसकी जानकारी निकाल सकेगा। फार्मेट में एक ही जगह एकत्रित करने के लिए सरकार एक पोर्टल बनाएगी। इस डिजिटल पोर्टल पर ही सारा डाटा उपलब्ध होगा। कोई भी व्यक्ति इस पोर्टल पर अपनी जमीन का यूनिक पंजीकरण नंबर डालकर इसकी जानकारी निकाल सकेगा।
ड्रोन से होगी जमीन की पैमाइश, नहीं होगी गड़बड़ी की आशंका
वन नेशन, वन रजिस्ट्रेशन प्रोग्राम के जरिए सरकार ड्रोन की मदद से जमीन नापेगी। ड्रोन से जमीन की पैमाइश से किसी तरह की गलती या गड़बड़ी की आशंका नहीं होगी। इसके बाद इस पैमाइश को सरकारी डिजिटल पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। गौरतलब है कि हरियाणा में राज्य सरकार ने गांवों को लाल डोरा मुक्त करने के लिए गांव में घरों और प्लाटों की पैमाइश ड्रोन से की है। ड्रोन का प्रयोग इसमें बहुत सफल रहा है।
कागजात लेने के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे तहसील के चक्कर
यूनिक नंबर से कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन की पूरी डिटेल और कागजात आसानी से देख पाएगा। इससे आम लोगों को कागजात लेने के लिए तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जमीन खरीदने व बेचने में भी पारदर्शिता आएगी।
यह योजना लागू होती है तो लोगों को इसका फायदा मिलेगा। इस यूनिक नंबर से कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन का पूरा रिकॉर्ड न केवल ऑनलाइन देख पाएगा बल्कि डाउनलोड भी कर पाएगा। - डॉ. वीरेंद्र देव आर्य, उपनिदेशक, कृषि विभाग, पानीपत।